दिल्ली के शाहीन बाग में अवैध निर्माण धवस्त करने के दौरान देखा गया हाई-वोल्टेज ड्रामा

दिल्ली के शाहीन बाग में अवैध निर्माण धवस्त करने के दौरान देखा गया हाई-वोल्टेज ड्रामा
दिल्ली के शाहीन बाग में अवैध निर्माण धवस्त करने के दौरान देखा गया हाई-वोल्टेज ड्रामा नई दिल्ली, 9 मई (आईएएनएस)। राष्ट्रीय राजधानी में सांप्रदायिक हिंसा प्रभावित जहांगीरपुरी इलाके में इसी तरह का अभियान चलाए जाने के करीब 20 दिन बाद सोमवार को शहर के शाहीन बाग इलाके में एक बार फिर हाई-वोल्टेज विध्वंस का ड्रामा देखने को मिला।

4 मई को आधिकारिक तौर पर पता चला था कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने दक्षिणी दिल्ली क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ एक बड़े अभियान की योजना बनाई है और शाहीन बाग में अवैध संरचनाओं को 9 मई को ध्वस्त कर दिया जाएगा।

दिन की शुरूआत शाहीन बाग में कई मीडियाकर्मियों की मौजूदगी के साथ हुई। हालांकि, इस बार जहांगीरपुरी के विपरीत, विध्वंस अभियान से पहले पुलिस की कम उपस्थिति देखी गई। स्थानीय लोग चिंतित थे कि क्या होने वाला है।

धीरे-धीरे निगम के अधिकारी उस स्थान पर पहुंचने लगे, जहां प्रस्तावित विध्वंस होना था। एक जेसीबी बुलडोजर और करीब दो से तीन ट्रक भी मौके पर पहुंचे ताकि विध्वंस के बाद जमा होने वाले मलबे को उठाया जा सके। लेकिन जैसे ही अभियान लगभग 11.30 बजे शुरू होने वाला था, राजनीतिक दलों के एक्टिविस्ट्स सहित स्थानीय नेताओं ने नगर निगम के प्रस्तावित विध्वंस का विरोध करना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी जेसीबी बुलडोजर के एक हिस्से के ऊपर खड़े हो गए। अर्धसैनिक बलों के साथ दिल्ली पुलिस के जवान भी भारी संख्या में घटनास्थल पर पहुंचे और जेसीबी बुलडोजर के सामने बैठे प्रदर्शनकारियों को हटाया गया। महिला आंदोलनकारियों को महिला सुरक्षाकर्मियों ने हटाया।

पुलिस ने राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं सहित कई लोगों को भी हिरासत में लिया, जो नगर निगम के कर्मचारियों को विध्वंस अभियान चलाने की अनुमति नहीं दे रहे थे। जैसे ही आंदोलन को शांत किया गया, जेसीबी एक इमारत के सामने एक लोहे के ढांचे, अवैध अतिक्रमण को ध्वस्त करने के लिए आगे बढ़ा। इसी दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से बात करते नजर आए। अवैध अतिक्रमण यानी इमारत के सामने एक लोहे का ढांचा या शटरिंग या फॉर्मवर्क तब लोगों द्वारा मैन्युअल रूप से हटा दिया गया था, यहां तक कि एक जेसीबी बुलडोजर भी पास में ही खड़ा था। लोहे का यह ढांचा सड़क पर गिर गया और वह अतिक्रमण हटा लिया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इमारत के सामने लगा लोहे का ढांचा अवैध अतिक्रमण नहीं बल्कि एक शटरिंग था। एक स्थानीय नागरिक ने आईएएनएस को बताया कि इसे इमारत के नवीनीकरण के लिए लगाया गया था।

मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, खान ने विध्वंस अभियान पर एसडीएमसी के खिलाफ कड़ी नाराजगी व्यक्त की। आप विधायक ने कहा कि उन्होंने खुद पूरे इलाके का निरीक्षण किया है और ट्रैफिक पुलिस समेत हर अधिकारी से बात की है। उन्होंने कहा, मैंने खुद अपनी जेसीबी से एक मस्जिद के बाहर अवैध रूप से बने शौचालय को हटा दिया था। यह सिर्फ बदले की राजनीति है। बस मुझे बताओ कि अतिक्रमण कहां है। मुझे बताओ, मैं इसे खुद हटा दूंगा। मैं स्थानीय विधायक हूं।

यहां तक कि निवासियों ने आईएएनएस को बताया कि कुछ दिन पहले ही लोगों ने इलाके के सभी अवैध ढांचों को हटा दिया था। जेसीबी बुलडोजर दोपहर करीब 1.15 बजे शाहीन बाग इलाके से निकला और वहां तोड़फोड़ अभियान खत्म हुआ।

इस बीच, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने इस घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की, जो एसडीएमसी के सामने उसके कर्तव्यों का निर्वहन करने में बाधा बन गए हैं।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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