दिल्ली: दक्षिणी निगम ने स्पा- मसाज केन्द्रों के लिये लागू की नई लाईसेंस नीति, अब केन्द्रों में क्रॉस जेन्डर मसाज की नहीं होगी अनुमति

दिल्ली: दक्षिणी निगम ने स्पा- मसाज केन्द्रों के लिये लागू की नई लाईसेंस नीति, अब केन्द्रों में क्रॉस जेन्डर मसाज की नहीं होगी अनुमति
दिल्ली: दक्षिणी निगम ने स्पा- मसाज केन्द्रों के लिये लागू की नई लाईसेंस नीति, अब केन्द्रों में क्रॉस जेन्डर मसाज की नहीं होगी अनुमति नई दिल्ली, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। दक्षिणी निगम ने अपने अधिकार क्षेत्रों में आने वाले स्पा एवं मसाज केन्द्रों के बेहतर संचालन के लिये नई लाईसेंस नीति लागू की है। इस नई लाईसेंस नीति को उपराज्यपाल ने अनुमोदित किया है। नई लाईसेंस नीति के अन्तर्गत दक्षिणी निगम के क्षेत्र में आने वाले स्पा व मसाज केन्द्रों में क्रॉस जेन्डर मसाज की अनुमति नहीं होगी।

स्पा एवं मसाज केन्द्रों में महिलाओं और पुरूषों की मसाज के लिये अलग-अलग सेक्शन होंगे। सभी केन्द्र सुबह 9 बजे से लेकर रात्रि 9 बजे तक खुले रहेंगे।

इसके अतिरिक्त लाईसेंस जारी करने से पहले स्पा प्रबंधक/मालिक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य होगा। साथ ही सभी ग्राहकों का पहचान पत्र प्रस्तुत करने अनिवार्य होगा।

इसके अलावा दक्षिणी निगम के अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्पा व मसाज केन्द्रों के लाईसेंस जारी या नवीनीकरण के लिये सभी दिशा-निदेशरें का पालन करना होगा। स्पा एवं मसाज केन्द्र व्यावसायिक, स्थानीय व्यावसायिक, अधिसूचित व्यावसायिक, मिक्सड लैंड यूज क्षेत्रों में खोले जा सकते हैं। रिहायशी क्षेत्रों में नये स्पा या मसाज केन्द्र खोलने की अनुमति नहीं होगी।

लाईसेंस प्राप्ति के लिये आवेदक को जरूरी दस्तावेज जैसे- संपत्ति के मालिकाना हक, किराये का प्रमाण, स्ट्रेक्च र स्टेबेलिटी प्रमाणपत्र, कनवर्जन शुल्क, पा*++++++++++++++++++++++++++++र्*ग शुल्क, पंजीकरण शुल्क व संपत्ति कर जमा करने के प्रमाण देने होंगे।

इसके साथ ही केन्द्र पर मसाज करने वाले व्यक्ति का मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट भी उपलब्ध कराना होगा।

दक्षिणी निगम की स्वीकृति के अनुसार समय समय पर लाईसेंस शुल्क लागू होगा। स्पा केन्द्र परिसर का न्यूनतम फ्लोर एरिया 900 वर्गफीट होना चाहिए साथ ही परिसर की न्यूनतम ऊचाई 9 फीट तक होनी चाहिए। मसाज करने वाली टेबल का न्यूनतम क्षेत्रफल 50 वर्गफीट होना चाहिए। परिसर हवादार और रोशन होना चाहिए, इसके साथ ही एक्जोस्ट फैन भी लगे होने चाहिए।

केन्द्रों पर पीने योग्य पानी की उचित व्यवस्था होनी चाहिए और केन्दों की समुचित साफ-सफाई भी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि किसी बीमारी या संक्रमण का खतरा न हो। इन दिशा निर्देशों की अवहेलना करने पर उल्लंघनकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी और उनका लाईसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

--आईएएनएस

एमएसके/एएनएम

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