दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल: देशभर से चुने जाएंगे कम उम्र के युवा खिलाड़ी, मिलेगी 10 ओलंपिक खेलों की ट्रेनिंग

दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल: देशभर से चुने जाएंगे कम उम्र के युवा खिलाड़ी, मिलेगी 10 ओलंपिक खेलों की ट्रेनिंग
दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल: देशभर से चुने जाएंगे कम उम्र के युवा खिलाड़ी, मिलेगी 10 ओलंपिक खेलों की ट्रेनिंग नई दिल्ली, 20 जून (आईएएनएस)। दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में 22 जून से दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो रही है। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल का उद्देश्य देशभर में कम उम्र से ही खेल प्रतिभाओं को संवारना और उन्हें वल्र्ड-क्लास सुविधाएं व ट्रेनिंग देते हुए अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए तैयार करना है। फिलहाल इस सत्र में कक्षा 6 से 9वीं तक के लिए एडमिशन लिए जाएंगे।

यह स्कूल कक्षा 6 से 12वीं के लिए होगा तथा इस सत्र में स्कूल में कक्षा 6 से 9वीं तक के लिए एडमिशन लिए जाएंगे। यह को-एड स्कूल पूरी तरह से रेजिडेंशियल होगा तथा यहां छात्र व छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल होंगे। स्कूल में स्टूडेंट्स को 10 चुने गए ओलंपिक खेलों के लिए स्पोर्ट्स ट्रेनिंग व सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। इसमें आर्चरी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, शूटिंग, वेटलिफ्टिंग, रेसलिंग, बॉक्सिंग, स्विमिंग, टेबल टेनिस और लॉन टेनिस शामिल है। इस स्कूल का उद्देश्य एक स्पेशलाइज्ड और अनुकूलित स्पोर्ट्स इंटीग्रेटेड करिकुलम के माध्यम से स्टूडेंट्स के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करते हुए उन्हें चैंपियन के रूप में तैयार करना है।

दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में एडमिशन के लिए दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी देश के विभिन्न राज्यों में टैलेंट स्काउटिंग कैंप आयोजित करने जा रही है। दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में प्रवेश पाने के इच्छुक देशभर के छात्रों को टैलेंट स्काउटिंग की प्रक्रिया से गुजरना होगा।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि सरकार दिल्ली को देश का स्पोर्ट्स कैपिटल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और हम अपने स्पोर्ट्स स्कूल के लिए देश के हर हिस्से से ऐसी खेल प्रतिभाएं खोजेंगे जो भविष्य में देश के लिए ओलम्पिक पदक जीत कर लायेंगे।

इन छात्रों को पहले एक लिंक पर जाकर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 22 जून 2022 से 5 जुलाई 2022 तक चलेगी। रजिस्ट्रेशन बंद होने के बाद, मेरिट के आधार पर छात्रों की एक सूची तैयार की जाएगी। फिर इन छात्रों को टैलेंट स्काउटिंग कैंप में आमंत्रित किया जाएगा, जहां वे स्पोर्ट्स स्पेसिफिक परीक्षणों के साथ-साथ मोटर टेस्ट जैसे विभिन्न परीक्षणों से गुजरेंगे।

इन परीक्षणों को पास करने के बाद, शॉर्टलिस्ट किए गए छात्रों को दिल्ली आमंत्रित किया जाएगा। यहां स्पोर्ट्स साइंस सेंटर में उनके अन्य टेस्ट होंगे। अंतिम चयन से पहले, छात्रों को कुछ मेडिकल टेस्ट से गुजरना होगा। इसके बाद अंतिम रूप से चयनित छात्रों को फाइनल एनरोलमेंट का ऑफर दिया जाएगा।

दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल में एनरोल्ड स्टूडेंट्स को विशेष कोचों के मार्गदर्शन में ट्रेनिंग दी जाएगी। शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ उनके खेल प्रशिक्षण और प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया जाएगा। स्कूल के स्टूडेंट्स को वल्र्ड-क्लास कोचिंग प्रदान करने के लिए स्कूल पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और एक्सपर्ट ट्रेनर्स को चुनेगी। साथ ही यहां विश्व स्तरीय स्पोर्ट्स कोचिंग और सुविधाओं के अलावा, स्कूल में स्पोर्ट्स साइंस सेंटर और एथलीट मॉनिटरिंग सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा जो साइंटिफिक तरीकों से स्टूडेंट्स के खेल प्रदर्शन को बेहतर करने में मदद करेगा।

दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की उपकुलपति व ओलंपिक पदक विजेता डॉ. कर्णम मल्लेश्वरी ने कहा है कि स्पोर्ट्स साइंस, वल्र्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्च र, ट्रेनिंग और शानदार करिकुलम के माध्यम से एंड-टू-एंड स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने का यह खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य को भी संबोधित करेगा। इसका सामना उन्हे फॉर्मल एजुकेशन सिस्टम में अपने खेल करियर और शैक्षणिक आवश्यकताओं को संतुलित करने में करना पड़ता है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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