देश के 7 राज्यों में स्कूली छात्रों के बीच सबसे अधिक डिजिटल डिवाइड

देश के 7 राज्यों में स्कूली छात्रों के बीच सबसे अधिक डिजिटल डिवाइड
देश के 7 राज्यों में स्कूली छात्रों के बीच सबसे अधिक डिजिटल डिवाइड नई दिल्ली, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल डिवाइड को पाटने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। इसको लेकर स्वयं शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने हाल ही के दिनों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस बीच शिक्षा मंत्रालय द्वारा बनाई गई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश के 7 बड़े राज्यों में 40 फीसदी स्कूली छात्रों के पास ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने हेतु डिजिटल डिवाइस की उपलब्धता नहीं है।

शिक्षा मंत्रालय की इस रिपोर्ट से पता चलता है कि देश के कई राज्यों ने ऑनलाइन शिक्षा प्रदान करने के साथ ही डिजिटल डिवाइड को पाटने में भी सफलता हासिल की है, जबकि कई राज्य ऐसे हैं जहां ऑनलाइन शिक्षा में छात्रों के बीच डिजिटल डिवाइड अभी भी मौजूद है।

डिजिटल डिवाइड का खुलासा करने वाली यह रिपोर्ट अधिकांश राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा उपलब्ध कराए गए ब्यावर के आधार पर तैयार की गई है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा तैयार इस रिपोर्ट के अनुसार, सात बड़े राज्यों असम, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में 40 प्रतिशत से 70 प्रतिशत स्कूली छात्रों की डिजिटल उपकरणों तक पहुंच नहीं है। गौरतलब है कि देश में कोरोना महामारी और उसके बाद लगाए गए लॉकडाउन के उपरांत ऑनलाइन शिक्षा को काफी महत्व दिया गया है। ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने के लिए छात्रों को डिजिटल उपकरणों पर निर्भर होना पड़ा है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक मध्य प्रदेश में 70 प्रतिशत बिहार में 58, आंध्र प्रदेश 57 असम 44, झारखंड 43 उत्तराखंड 41 और गुजरात 40 प्रतिशत छात्रों की पहुंच डिजिटल उपकरणों तक नहीं है।

वहीं दिल्ली, केरल, तमिलनाडु की स्थिति इस मामले में काफी बेहतर है। दिल्ली में केवल 4 प्रतिशत छात्रों के पास स्मार्टफोन नहीं है। केरल और तमिलनाडु की भी बेहतर स्थिति है। केरल में 1.63 और तमिलनाडु 14.51 फीसदी के पास डिजिटल डिवाइस नहीं है।

देश की शिक्षा प्रणाली को डिजिटल मोड के साथ आगे बढ़ाने का प्रयास हो रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय शिक्षा में डिजिटलीकरण के लिए कई नई योजना बना रहा है। इससे अब शिक्षण संस्थानों में न केवल पंजीकरण और प्रवेश प्रक्रिया बल्कि बल्कि शिक्षण एवं अध्यापन से जुड़े अन्य कार्य भी डिजिटल मोड में संचालित किए जा सकेंगे।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के मुताबिक कई ऐसे उपाय किए जा रहे हैं जिनका मकसद कौशल-आधारित शिक्षा को प्रोत्साहन देना, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, डिजिटल विभाजन को पाटने के लिए कदम उठाना है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हमारी युवाशक्ति की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कई रास्ते बना रही है।

--आईएएनएस

जीसीबी/आरजेएस

Share this story