नई दिल्ली: हफ्तेभर में अफगान नागरिकों का पाकिस्तान के खिलाफ दूसरा विरोध प्रदर्शन, कहा, पाकिस्तान अफगान में हस्तक्षेप करना करे बंद

नई दिल्ली: हफ्तेभर में अफगान नागरिकों का पाकिस्तान के खिलाफ दूसरा विरोध प्रदर्शन, कहा, पाकिस्तान अफगान में हस्तक्षेप करना करे बंद
नई दिल्ली: हफ्तेभर में अफगान नागरिकों का पाकिस्तान के खिलाफ दूसरा विरोध प्रदर्शन, कहा, पाकिस्तान अफगान में हस्तक्षेप करना करे बंद नई दिल्ली, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ही भारत में रह रहे अफगान नागरिक इसका विरोध कर रहे हैं। इसी बीच दिल्ली में अफगान निवासियों ने एक हफ्ते में दूसरी बार पाकिस्तान के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करते हुए मांग उठाई की वह अफगान में अपना हस्तक्षेप करना बंद कर दे।

मंगलवार दोपहर अफगान निवासियों ने दिल्ली के चानक्यपुरी इलाके में इकट्ठा होकर अपना विरोध दर्ज कराया। इससे पहले 10 सितंबर को भी पाकिस्तान के खिलाफ अफगान नागरिकों ने अपना विरोध दर्ज कराया था।

अफगान नागरिकों के अनुसार तालिबान एक सफेद जानवर की तरह है और सफेद जानवर पर कोई विश्वास नहीं करता है, पाकिस्तान उन्हें अभी डवलप कर रहा है। तालिबानी अफगान के लोग नहीं है यह पाकिस्तानी है। यदि तालिबान के कोई आदमी मरता है उनकी जेब से पाकिस्तान का आईडी प्रूफ निकलता है।

5 साल से दिल्ली में रह रहे अफगान नागरिक मुस्तफा अंसारी ने आईएएनएस को बताया कि, हम पाकिस्तान के खिलाफ विरोध इसलिए दर्ज करा रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान हमारे देश में हस्तक्षेप कर रहा है और तालीबान को अपना समर्थन दे रहा है।

हमें अभी तक कोई मदद नहीं मिली है, सबको पता है कि पाकिस्तान ने पंजशीर के ऊपर एयर स्ट्राइक किया और उसका हक नहीं बनता है कि दूसरे देश के मसले पर हस्तक्षेप कर।

उन्होंने आगे कहा कि, अफगान में हालात उतने ठीक नहीं हैं, अपने परिजनों से बात करने पर हमें पता चलता है कि वह घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। हम 20 साल पहले भी तालिबान को एक्सपीरियंस कर चुके हैं।

दरअसल तालिबान ने 15 अगस्त को पंजशीर को छोड़कर पूरे अफगानिस्तान पर कब्जा कर लिया था, हालांकि इसके कुछ दिनों बाद ही तालिबान ने दावा किया था कि उसने पंजशीर घाटी पर भी कब्जा कर लिया।

पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक अन्य अफगान नागरिक ने आईएएनएस को बताया कि, अफगान की सरकार गिरने के बाद तालिबान की नई सरकार आई है, इसलिए हम विरोध कर रहे हैं। बेगुनाह लोगों की जान जा रही है, साथ ही पंजशीर पर हमले हो रहे हैं।

दूसरी ओर पंजशीर में कब्जे के एलान के बाद 7 सितंबर को तालिबान ने अफगानिस्तान में अंतरिम सरकार का एलान किया। हालांकि तालिबान की नई सरकार को लेकर भारत में रह रहे अफगान नागरिक बिल्कुल खुश नहीं हैं और इसका विरोध दर्ज करा रहे हैं।

--आईएएनएस

एमएसके/एएनएम

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