नेशनल हैराल्ड दफ्तर में ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला

नेशनल हैराल्ड दफ्तर में ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला
नेशनल हैराल्ड दफ्तर में ईडी की कार्रवाई पर कांग्रेस का केंद्र पर हमला नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को कांग्रेस के मुखपत्र नेशनल हेराल्ड अखबार के कार्यालय पर पार्टी नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापेमारी की। इस रेड के बाद कांग्रेस मुख्यालय में बड़ी बैठक हुई, इस बैठक में कांग्रेस महासचिवों और राज्यों के प्रभारी मौजूद रहे। साथ ही 5 अगस्त के होने वाले कार्यक्रम व ईडी की कार्रवाई के खिलाफ चर्चा हुई।

इस छापेमारी पर बैठक के बाद संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा, संसद में महंगाई पर चर्चा हो रही है, महंगाई पर सरकार कुछ नहीं कर पा रही, इसलिए ध्यान भटकाने के लिए विरोधियों को निशाना बना रही है। हम डरने वाले नहीं, हमको कानून पर पूरा भरोसा है। हम जनता की आवाज उठाते रहेंगे।

मंगलवार सुबह जांच अधिकारियों की एक टीम नेशनल हेराल्ड के कार्यालय पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। फिलहाल जांच एजेंसी ने इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। हाल ही में ईडी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी से कई दिनों तक पूछताछ की थी।

जानकारी के मुताबिक, नेशनल हेराल्ड मामले में देश भर में 14 लोकेशन पर छापेमारी की गई। इसमें नेशनल हेराल्ड का दफ्तर भी शामिल है।

इसके अलावा कांग्रेस राज्यसभा सांसद नासिर हुसैन ने कहा, ईडी की कार्रवाई राजनितिक द्वेष में की जा रही है। विपक्षी पार्टियों के नेताओं को डराया धमकाया जा रहा है और यह सिर्फ कांग्रेस ही नहीं बल्कि अन्य पार्टियों के नेताओं के साथ भी हो रहा है। जबसे विपक्षी पार्टियों ने सरकार पर महंगाई व अन्य मुद्दों पर चर्चा करने के लिए दबाब डाला है तबसे सरकार एजेंसियो का इस्तेमाल कर असल मुद्दों को भटकाने का प्रयास कर रही है। हमें संसद से लेकर सड़कों पर इस पर हल्ला बोलेंगे और जनता के मुद्दे को उठाते रहेंगे।

इसके साथ ही कांग्रेस वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भी कहा, भारत के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के खिलाफ जारी प्रहार के तहत बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस में रेड किया गया है। मोदी सरकार के विरुद्ध उठने वाली हर आवाज के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति की हम कड़ी भर्त्सना करते हैं। आप हमें चुप नहीं करा सकते।

दरअसल देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी एजेएल का गठन किया था। इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषाओं में समाचार पत्रों को प्रकाशित करना था। तब एजेएल के अंतर्गत अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज समाचार पत्र प्रकाशित हुए।

भले ही एजेएल के गठन में पं. जवाहर लाल नेहरू की भूमिका थी, लेकिन इसपर मालिकाना हक कभी भी उनका नहीं रहा। क्योंकि, इस कंपनी को 5000 स्वतंत्रता सेनानी सपोर्ट कर रहे थे और वही इसके शेयर होल्डर भी थे। 90 के दशक में ये अखबार घाटे में आने लगे।

इसके अलावा साल 2008 तक एजेएल पर 90 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया। तब एजेएल ने फैसला किया कि अब समाचार पत्रों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। अखबारों का प्रकाशन बंद करने के बाद एजेएल प्रॉपर्टी बिजनेस में उतरी।

--आईएएनएस

एमएसके/एसकेपी

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