पासवान की पुण्यतिथि के मौके पर बिहार में नए सियासी समीकरण

पासवान की पुण्यतिथि के मौके पर बिहार में नए सियासी समीकरण
पासवान की पुण्यतिथि के मौके पर बिहार में नए सियासी समीकरण नई दिल्ली, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि के मौके पर बिहार में नए सियासी समीकरण के शुरूआत की चर्चा है।

दरअसल पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की पहली पुण्यतिथि के मौके पर उनके बेटे चिराग पासवान ने शुक्रवार शाम को दिल्ली में अपने आवास पर एक कार्यक्रम आयोजित किया।

इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, राजद सुप्रीमो लालू यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सीपीआईएम नेता सीताराम येचुरी समेत कई नेता शामिल हुए।

इस मौके पर राहुल गांधी ने 12 जनपथ स्थित पासवान के आवास पर पहुंचकर चिराग से काफी देर मुलाकात की, जिसके बाद बिहार में नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा शुरू हो गई। कांग्रेस और लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान) अगले चुनाव में साथ आ सकते हैं। फिलहाल 30 अक्टूबर को होनेवाले उप चुनाव में बिहार में सभी पार्टियों ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। हालांकि इस दौरान वहां मौजूद बिहार पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव से भी राहुल गांधी ने मुलाकात की।

इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल ने ट्वीट कर कहा, रामविलास पासवान जी की प्रथम पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि। इस अवसर पर लालू प्रसाद यादव जी से भी भेंट हुई। उन्हें स्वस्थ देखकर अच्छा लगा।

गौरतलब है कि हाल ही में आरजेडी और कांग्रेस का गठबंधन उपचुनाव के लिए टूट गया है। दोनों पार्टियों ने आमने-सामने उम्मीदवारों का ऐलान किया है। कांग्रेस ने आरजेडी पर राजधर्म न निभाने का आरोप भी लगाया। लेकिन राहुल और लालू यादव की इस मुलाकात के भी सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

खास बात ये है कि राहुल गांधी और चिराग की ये मुलाकात ऐसे समय पर हुई है, जब रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी दो गुटों में बट गई है और चुनाव आयोग ने दोनों गुटों को उनके चुनाव चिन्ह व पार्टी नाम भी दे दिया है। चिराग गुट को हेलीकॉप्टर चुनाव चिन्ह मिला है।

वहीं दूसरी तरफ पटना में चिराग के चाचा और रामविलास पासवान के भाई, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने भी एक अलग पुण्यतिथि का आयोजन किया। जिसमें लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव पहुंचे, जो भविष्य में एक नए समीकरण की शुरूआत भी हो सकती है। पारस ने तेज प्रताप का बड़े ही गर्मजोशी से स्वागत किया। पशुपति पारस की अगुवाई वाले गुट को चुनाव आयोग ने राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी नाम दिया है और चुनाव चिन्ह सिलाई मशीन दी है।

--आईएएनएस

पीटीके/एएनएम

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