प्रगति भवन में केसीआर ने फहराया तिरंगा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

प्रगति भवन में केसीआर ने फहराया तिरंगा, शहीदों को दी श्रद्धांजलि
हैदराबाद, 26 जनवरी (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास प्रगति भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।

इससे पहले राजभवन में गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्यमंत्री शामिल नहीं हुए।

केसीआर ने महात्मा गांधी और भारत के संविधान के निर्माता डॉ बी.आर. अम्बेडकर के चित्रों पर माल्यार्पण किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने देश के लिए उनकी सेवाओं को याद किया।

इस कार्यक्रम में मंत्री वेमुला प्रशांत रेड्डी, सत्यवती राठौर, चमकुरा मल्लारेड्डी, एमएलसी पल्ला राजेश्वर रेड्डी, नवीन राव, शंभीपुर राजू, मधुसूदन चारी, मुख्य सचिव शांति कुमारी, डीजीपी अंजनी कुमार, सीएमओ के वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी और कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद, केसीआर सिकंदराबाद में सेना युद्ध स्मारक गए। उन्होंने वीर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने शहीद जवानों के बलिदान को याद किया।

इससे पहले, राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन ने भी सेना युद्ध स्मारक का दौरा किया था और युद्ध नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की थी।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने 74वें गणतंत्र दिवस पर लोगों को बधाई दी।

राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि 73 साल पहले भारत एक गणतंत्र बना था, जहां लोगों के पास अपने भाग्य को तय करने की सामूहिक शक्ति है।

उन्होंने कहा, यह हमारे लोकतांत्रिक और गणतंत्र देश का जश्न मनाने और अपनी संप्रभुता पर गर्व करने का दिन है। मैं बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर और हमारे महान भारतीय संविधान के अन्य रचनाकारों को अपनी सबसे बड़ी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं, जिन्होंने स्वतंत्रता, समानता और स्वतंत्रता के महान सिद्धांतों को स्थापित किया।

उन्होंने कहा, ऐसे समय में जब देश जी20 देशों में भारत की अध्यक्षता और आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, हम सभी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी वर्गों के लोगों के बीच गणतंत्र दिवस की भावना को आगे बढ़ाएं।

केसीआर ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय संविधान का अभीष्ट लक्ष्य समानता के साथ प्रभावी लोकतांत्रिक शासन से ही पूरा होगा। उन्होंने तेलंगाना और देश के लोगों को 74वें गणतंत्र दिवस की बधाई दी।

उन्होंने कहा कि 26 जनवरी भारत के सभी नागरिकों के लिए उत्सव का दिन है। इस दिन एक संप्रभु गणराज्य लोकतांत्रिक देश के रूप में पहली बार संवैधानिक शासन का उदय हुआ था। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े संविधान के निर्माण के लिए भारत के संविधान निमार्ताओं के प्रयासों को इस देश की जनता हमेशा याद रखेगी।

उन्होंने देखा कि भारत की मुख्य विशेषताएं सामाजिक संस्कृतियों, परंपराओं, भाषाओं और रीति-रिवाजों के गुलदस्ते की तरह विविधता में एकता के साथ बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि देश प्रगति और कल्याण के पथ पर तभी आगे बढ़ेगा जब भारत में राज्यों के संघ के रूप में फल-फूल रही संघीय भावना और शासन के प्रमुख स्तम्भ के रूप में न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा कायम रहेगा।

केसीआर ने देश के लोगों से आह्वान किया कि वे पवित्र संविधान को अच्छी तरह से समझें, जिसमें हमने भारत को एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र राज्य घोषित करके खुद को समर्पित किया। आकांक्षाओं को प्राप्त करने के लिए और अधिक प्रयास करें।

--आईएएनएस

पीके/एसकेपी

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