प्रतिबंध लगाते हैं, तो रोजगार पर बन आती है, न लगाएं तो जिंदगी खतरे में पड़ जाती है: केजरीवाल

प्रतिबंध लगाते हैं, तो रोजगार पर बन आती है, न लगाएं तो जिंदगी खतरे में पड़ जाती है: केजरीवाल
प्रतिबंध लगाते हैं, तो रोजगार पर बन आती है, न लगाएं तो जिंदगी खतरे में पड़ जाती है: केजरीवाल नई दिल्ली, 11जनवरी, आईएएनएस। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ मंगलवार को एलएनजेपी अस्पताल का दौरा कर कोरोना संबंधित तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि हम लॉकडाउन नहीं लगाएंगे।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में कहा कि यह जो प्रतिबंध लगाए गए हैं, यह बहुत ही मजबूरी में लगाने पड़ रहे हैं। मैं समझता हूं कि इस वक्त हमारे लिए दोनों में बैलेंस बनाए रखना बड़ा चुनौतीपूर्ण है। एक तरफ लोगों के रोजगार पर बनी हुई है। अगर आप प्रतिबंध लगा दें, तो लोगों के रोजगार पर बन आती है और दूसरी तरफ अगर प्रतिबंध न लगाएं, तो आपकी जिंदगी और आपकी सेहत खतरे में पड़ जाती है। मैं दिल्ली के लोगों को यकीन दिलाना चाहता हूं कि लगाए गए प्रतिबंधों को जितना जल्दी हो सकेगा, हम हटा देंगे और कम से कम समय में कम से कम प्रतिबंध लगाने की कोशिश करेंगे।

कोरोना की पीक के सवाल पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस मामले में कोई भी कुछ कह नहीं सकता है। लेकिन तीन दिन पहले करीब 22 हजार केस आए थे, कल शायद 19 हजार केस आए थे। आज शाम तक आने वाली रिपोर्ट में उम्मीद है कि 20 हजार केस आएंगे। इस तरह 20 से 22 हजार के करीब नए मामले और 24 से 25 फीसद के आसपास संक्रमण दर पिछले दो-तीन दिन से चल रहा है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आगे केस बढ़ेंगे नहीं, मामले बढ़ भी सकते हैं। लेकिन हम सभी परिस्थितियों के तैयार हैं।

कोरोना की पहली लहर के दौरान एलएनजेपी अस्पताल में 16 हजार और दूसरी लहर में 5551 मरीज ठीक होकर घर गए। वहीं, तीसरी लहर में दिसंबर से अब तक 710 कोरोना के मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। पूरे कोरोना काल के दौरान अब तक एलएनजेपी अस्पताल में करीब 22 हजार कोरोना मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। इसके अलावा 700 कोरोना संक्रमित मदर की डिलीवरी भी कराई गई है। इसमें 415 कोविड मदर की नार्मल डिलीवरी हुई है और 285 सीजेरियन डिलीवरी हुई है। हमने इसके लिए स्पेशल लेबर रूम बनाया है। एलएनजेपी में कोरोना संक्रमित एक भी मदर की डिलीवरी के दौरान मौत नहीं हुई है और न तो किसी बच्चे की ही मौत हुई है।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि चिंता न करें, हम दिल्ली में लॉकडाउन नहीं लगा रहे हैं। मैं केंद्र सरकार से अपील करूंगा कि डीडीएमए की बैठक में जो केंद्र सरकार के प्रतिनिधि आए थे, हमने उनसे अनुरोध किया कि केवल दिल्ली के अंदर प्रतिबंध लगाने से काम नहीं चलेगा, आपको पूरे एनसीआर को कवर करना पड़ेगा। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वो पूरे एनसीआर के अंदर प्रतिबंध को लागू करवाएंगे।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा, पिछली लहर के मुकाबले में यह लहर बहुत ही माइल्ड है। उपर वाले का शुक्र है कि हम लोग बहुत ही माइल्ड लहर से लड़ रहे हैं। अप्रैल में जो लहर आई थी, वह बहुत ज्यादा खतरनाक थी। इस वक्त कोरोना के 136 मरीज एलएनजेपी में भर्ती हैं। मैंने जानकारी ली है कि इन 136 मरीजों में से कितने मरीज हैं, जो कोरोना की बीमारी लेकर आए थे। जैसे कई मरीज हैं, जो कैंसर का इलाज कराने आया है, लेकिन जब उसकी जांच की गई तो उसमें कोरोना निकल आया। इसी तरह किसी की हड्डी टूट गई और वह इलाज कराने के लिए आया, तो जांच में उसको भी कोरोना निकल आया। 136 में से ऐसे कितने मरीज हैं, जो यह कह कर आए थे कि मेरे को कोरोना है और मेरे को कोरोना का इलाज कराना है। इसकी जानकारी लेने पर पता चला है कि 136 में से केवल 6 मरीज ऐसे हैं, जो कोरोना के इलाज के लिए आए थे। 136 में से 130 मरीज ऐसे हैं, जिनमें अकस्मात कोरोना निकला। वो किसी और बीमारी के इलाज के लिए आए थे, लेकिन जांच में उनमें संयोग से कोरोना निकला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जरूरत पड़ेगी, तो हम 37 हजार बेड तक तैयार करके 10 से 11 हजार आईसीयू बेड तैयार कर सकते हैं। अच्छी बात है कि इस लहर में अस्पतालों में आने वाले कोरोना मरीज बेहद कम हैं, लेकिन फिर भी संक्रमण से बचें और अपना ध्यान रखें।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमें बहुत ही मजबूरी में प्रतिबंध लगाने पड़ रहे हैं। लेकिन मैं यकीन दिलाना चाहता हूं कि जितना जल्दी हो सकेगा, हम प्रतिबंधों को हटा देंगे और कम से कम प्रतिबंध लगाने की कोशिश करेंगे।

--आईएएनएस

जीसीबी/आरजेएस

Share this story