बंगाल की खाड़ी में किया गया भारत-जापान समुद्री अभ्यास

बंगाल की खाड़ी में किया गया भारत-जापान समुद्री अभ्यास
बंगाल की खाड़ी में किया गया भारत-जापान समुद्री अभ्यास नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। भारत और जापान की नौसेनाओं ने दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए बंगाल की खाड़ी में समुद्री अभ्यास किया।

भारतीय नौसेना के जहाजों शिवालिक और कदमत ने गुरुवार (13 जनवरी) को बंगाल की खाड़ी में जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के जहाजों उरगा और हीराडो के साथ एक समुद्री साझेदारी अभ्यास किया।

जेएमएसडीएफ के दोनों जहाज माइनस्वीपर डिवीजन वन का हिस्सा हैं और हिंद महासागर क्षेत्र में तैनाती पर हैं, जिसमें कैप्टन नोगुची यासुशी, कमांडर माइनस्वीपर डिवीजन वन जेएस उरगा पर सवार हैं।

अभ्यास का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना, दोनों नौसेनाओं के बीच आपसी समझ और क्रियाशीलता को बढ़ाना और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना था।

समुद्री साझेदारी अभ्यास में समुद्री संचालन की एक विस्तृत श्रृंखला, उड़ान संचालन, पुन:पूर्ति ²ष्टिकोण और सामरिक युद्धाभ्यास शामिल थे।

भारतीय नौसेना ने कहा कि अभ्यास की योजना बनाई गई और गैर संपर्क मोड में आयोजित किया गया, साथ ही कोविड सुरक्षा मानदंडों का पालन किया गया।

पिछले साल भारतीय नौसेना और जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के बीच भारत और जापान समुद्री द्विपक्षीय अभ्यास, जेआईएमईएक्स, 6 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक अरब सागर में आयोजित किया गया था।

जेआईएमईएक्स श्रृंखला के अभ्यास जनवरी 2012 में समुद्री सुरक्षा सहयोग पर विशेष ध्यान देने के साथ शुरू हुए।

जेआईएमईएक्स का पिछला संस्करण सितंबर 2020 में आयोजित किया गया था।

जेआईएमईएक्स-21 का उद्देश्य समुद्री संचालन के पूरे स्पेक्ट्रम में कई उन्नत अभ्यासों के संचालन के माध्यम से परिचालन प्रक्रियाओं की सामान्य समझ विकसित करना और अंत:क्रियाशीलता को बढ़ाना था।

हथियारों से फायरिंग, क्रॉस-डेक हेलीकॉप्टर संचालन और जटिल सतह, पनडुब्बी रोधी और वायु युद्ध अभ्यास से जुड़े बहुआयामी सामरिक अभ्यास दोनों नौसेनाओं द्वारा विकसित समन्वय को मजबूत करेंगे।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और जापान के बीच नौसेना सहयोग का दायरा और जटिलता बढ़ी है।

--आईएएनएस

एमएसबी/आरजेएस

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