बीएचयू ने अपने विद्यार्थियों के लिए आरंभ की एनी बेसेंट फेलोशिप

बीएचयू ने अपने विद्यार्थियों के लिए आरंभ की एनी बेसेंट फेलोशिप
बीएचयू ने अपने विद्यार्थियों के लिए आरंभ की एनी बेसेंट फेलोशिप नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अपने विद्यार्थियों के लिए एनी बेसेंट फेलोशिप आरंभ की है। इसका उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों को पोस्टग्रेजुएशन के बाद सीधे पीएचडी करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इन्स्टिट्यूशन ऑफ एमिनेंस, बीएचयू, की फेलोशिप के तहत चयनित विद्यार्थियों को बिना कोई समय गंवाए स्नातकोत्तर के बाद सीधे पीएचडी में प्रवेश मिल सकेगा। इसके साथ साथ वे अन्य पीएचडी शोधार्थियों के मुकाबले अपना शोध भी जल्दी पूरा कर पाएंगे।

पोस्टग्रेजुएशन अंतिम वर्ष के छात्र व छात्राएं इस अध्येतावृत्ति में आवेदन करने के पात्र हैं। आवेदकों को न्यूनतम 8.5 सीपीजीए स्कोर के साथ शीर्ष 5 (पांच) पर्सेंटाइल में होना चाहिए। चूंकि इस अध्येतावृत्ति के लिए चयन अंतिम परीक्षा के आयोजन से पहले किया जाएगा, इसलिये चयनित विद्यार्थियों को अंतिम परीक्षाओं में उपरोक्त न्यूनतम रैंक और सीजीपीए प्राप्त करना होगा।

इस अध्येतावृत्ति के अंतर्गत पीएचडी पाठ्यक्रम में सम्मिलित होने वाले छात्र,छात्राओं से यह अपेक्षा होगी कि वे पीएचडी पाठ्यक्रम में पंजीकरण की तिथि से चार (4) वर्षों के भीतर अपना शोध कार्य पूर्ण कर लें। चयनित अभ्यर्थियों को उनके पीएचडी पाठ्यक्रम के दौरान सीएसआईआर,यूजीसी के समान आकस्मिक व्यय (कंटिजेंसी) सहित जेआरएफ प्रदान किया जाएगा।

यदि विद्यार्थी द्वारा एक वर्ष के भीतर जेआरफ, नेट (यूजीसी, सीएसआईआर आदि) उत्तीर्ण कर लिया जाता है, तो विश्वविद्यालय नकद प्रोत्साहन स्वरूप 5000 रूपए प्रति माह प्रदान किया जाएगा।

यदि विद्यार्थी ने जेआरफ, नेट (यूजीसी, सीएसआईआर आदि) उत्तीर्ण नहीं किया है, तो विश्वविद्यालय पहले वर्ष में जेआरफ के लिए मौजूदा दर पर अध्येतावृत्ति प्रदान करेगा। हालांकि, विद्यार्थी से यह अपेक्षा होगी कि एक वर्ष के भीतर जेआरएफ उत्तीर्ण कर लिया जाए।

विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक यदि छात्र,छात्रा जेआरएफ,नेट (यूजीसी, सीएसआईआर, इंस्पायर, आदि) उत्तीर्ण नहीं करते हैं, तो विश्वविद्यालय दूसरे वर्ष से अध्येतावृत्ति जेआरएफ दर के 50 प्रतिशत तक कम कर देगा। यदि विद्यार्थी को किसी भी स्तर पर पीएमआरएफ प्राप्त होती है, तो विश्वविद्यालय टॉप-अप अध्येतावृत्ति प्रदान नहीं करेगा।

विश्वविद्यालय के मुताबिक इस योजना के सुगम क्रियान्वयन के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की गई है। प्रो. राकेश रमन, अर्थशास्त्र विभाग, समिति के संयोजक हैं। प्रो. राकेश पाण्डेय, मनोविज्ञान विभाग, प्रो. संगीता पंडित, गायन विभाग, तथा प्रो. अजय कुमार, भौतिकी विभाग, समिति के सदस्य बनाए गए हैं।

फेलोशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है तथा आवेदन स्वीकार करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त है। विश्वविद्यालय की सितंबर के मध्य तक एनी बेसेंट फेलोशिप के चयनित विद्यार्थियों की घोषणा करने की योजना है।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएनएम

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