बोम्मई की अमित शाह से मुलाकात के बाद कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की जगी उम्मीद

बोम्मई की अमित शाह से मुलाकात के बाद कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की जगी उम्मीद
बोम्मई की अमित शाह से मुलाकात के बाद कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की जगी उम्मीद बेंगलुरू, 11 मई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी में मुलाकात के बाद से कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं।

भाजपा के सूत्रों ने कहा कि बैठक उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए की गई है। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के बेटे बी. वाई. विजयेंद्र और पूर्व मंत्री रमेश जारकीहोली और अन्य को कैबिनेट में शामिल करने जैसे फैसले लेने पर चर्चा हुई है।

कैबिनेट विस्तार या कैबिनेट में फेरबदल को लेकर बना भ्रम जल्द ही खत्म होने की संभावना है। इस संबंध में अंतिम सूचियां तैयार हैं और आलाकमान तक पहुंच चुकी हैं।

पार्टी आलाकमान ने अपने सूत्रों के जरिए मंत्रियों के प्रदर्शन और लोकप्रियता का सर्वे कराया है।

सूत्रों ने कहा कि पार्टी ऐसी कैबिनेट बनाने पर विचार कर रही है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के लिए फायदेमंद होगा।

इस बीच, कैबिनेट बर्थ की संख्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और सभी कैबिनेट विस्तार पर निर्णय की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

इस बीच विपक्षी कांग्रेस नेता पहले ही बयान जारी कर चुके हैं कि भाजपा के कई शीर्ष नेताओं ने उनसे संपर्क किया है।

भाजपा आलाकमान सावधानी से कदम रख रहा है और निर्णय लेने में समय ले रहा है। आलाकमान पुराने और अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले मंत्रियों को हटाने पर विचार कर रहा है।

इस घटनाक्रम को लेकर चिंतित मौजूदा मंत्रियों ने नई दिल्ली में अपने-अपने गॉडफादर के जरिए लॉबिंग शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी विधान परिषद की सात सीटों पर 3 जून को चुनाव कराने पर भी विचार कर रही है। वह चुनाव के बाद कैबिनेट में फेरबदल की घोषणा करने पर विचार कर रही है।

वर्तमान में पांच कैबिनेट बर्थ खाली हैं और पार्टी दस नए चेहरों को शामिल करना चाहती है।

पार्टी राज्य के गृह मंत्रालय में बदलाव पर भी विचार कर रही है। मौजूदा राजस्व मंत्री आर. अशोक को इस पद के लिए तरजीह दी जा सकती है। वर्तमान में आरएसएस के कट्टर नेता अरागा ज्ञानेंद्र राज्य का गृह मंत्रालय संभाल रहे हैं।

राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी. एल. संतोष का हालिया बयान कि नेतृत्व बदलने की क्षमता भाजपा की ताकत है ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

संतोष के बयान के बाद कर्नाटक में मुख्यमंत्री बदलने की बहस भी शुरू हो गई है, जिसके बाद राज्य के भाजपा अध्यक्ष नलिन कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने स्पष्ट किया कि राज्य के मुख्यमंत्री को बदलने पर कोई चर्चा नहीं हुई है।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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