भू माफिया चिन्हित करने के डीजीपी ने दिए निर्देश, अवैध संपत्तियां भी होंगी जब्त

भू माफिया चिन्हित करने के डीजीपी ने दिए निर्देश, अवैध संपत्तियां भी होंगी जब्त
भू माफिया चिन्हित करने के डीजीपी ने दिए निर्देश, अवैध संपत्तियां भी होंगी जब्त देहरादून, 3 अगस्त (आईएएनएस)। पुलिस अब प्रदेश में भू-माफिया के खिलाफ अभियान चलाएगी। इस संबंध में डीजीपी ने सभी जिलों को भू-माफिया का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई और जिला बदर किया जाएगा। उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।

साथ ही उनके लाइसेंसी शस्त्र भी निरस्त किए जाएंगे। डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि इस समय प्रदेश में जमीनों से जुड़ी धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं। पुलिस मामलों में कार्रवाई भी कर रही, लेकिन जरूरी है कि एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसी क्रम में सभी जिलों को निर्देशित किया गया है। रेंज, जिला और थाना स्तर पर भू-माफिया को चिह्न्ति किया जाएगा। उनका पूरा डाटाबेस तैयार किया जाएगा। इसके बाद उनकी हिस्ट्रीशीट खोलने के निर्देश दिए गए हैं।

सभी जिलों से कहा गया कि वह अपने यहां इन रजिस्टरों को लगातार अपडेट करें। यदि कोई नया भू-माफिया चिह्न्ति होता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। यही नहीं, जनता यदि कोई शिकायत लेकर आती है, तो उसमें तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। इसकी मासिक सूचना पुलिस मुख्यालय को भी की जाए, ताकि इसकी समय-समय पर समीक्षा की जा सके। डीजीपी के अनुसार, इस काम में लापरवाही करने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। भू-माफिया के साथ गठजोड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लावारिस भूमि के बारे में कराएं अवगत

डीजीपी ने बताया कि उन्होंने जिला पुलिस को कहा कि यदि कार्रवाई के दौरान कोई लावारिस भूमि सामने आती है, तो संबंधित विभाग को सूचित कर दिया जाए। इसके अलावा सरकारी संपत्तियों पर अधिकार जमाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।

शासन में चल रही यूपी की तर्ज पर कवायद उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से भू-माफिया घोषित करने की व्यवस्था जारी है। वहां पर शासन, मंडल, जिला, तहसील स्तर पर समितियां बनी हुई हैं। यह समिति विचार करती हैं कि किसको भूमाफिया घोषित किया जाए या नहीं। यदि भू-माफिया घोषित किया जाता है, तो संपत्ति को जब्त कर लिया जाता है। ऐसी हजारों कार्रवाइयां उत्तर प्रदेश में हो रही हैं। इस व्यवस्था का अवलोकन शासन में किया जा रहा। पिछले दिनों पुलिस से इसका एक ड्राफ्ट भी गृह विभाग ने मांगा था।

--आईएएनएस

स्मिता/एएनएम

Share this story