मप्र में कांग्रेस की कार्यसमिति बनते ही सियासी वार पलटवार

मप्र में कांग्रेस की कार्यसमिति बनते ही सियासी वार पलटवार
मप्र में कांग्रेस की कार्यसमिति बनते ही सियासी वार पलटवार भोपाल 30 जनवरी (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कार्यसमिति बनते ही सियासी वार पलटवार का दौर शुरू हो गया है। भाजपा जहां सर्कस करार दे रही है, वहीं कांग्रेस की ओर से भाजपा की कार्यसमिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बीते रोज कांग्रेस की प्रदेश कार्यसमिति के साथ राजनीतिक मामलों की समिति का भी गठन कर दिया गया है। पार्टी ने जहां 62 जिलाध्यक्ष नियुक्त किए हैं, तो राजनीतिक मामलों की 25 सदस्य समिति बनाई है इसके अलावा 155 विभिन्न पदाधिकारी नियुक्त किए गए। कांग्रेस में हुई इन नियुक्तियों के बाद से ही भाजपा की ओर से हमले किए गए तो वहीं कांग्रेस भी पीछे नहीं है।

कांग्रेस की सूची जारी होते ही पहला बयान कांग्रेस के प्रभारी जे पी अग्रवाल का आया। जिसमें उन्होंने कहा, एआईसीससी द्वारा जारी मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की सूची संपूर्ण या अंतिम नहीं है। भारत जोड़ो यात्रा के बाद पश्चात सूची में विस्तार व संशोधन किया जाएगा।

अग्रवाल का यह बयान आने के बाद भाजपा आक्रामक हो गई और हमलों की बरसात कर दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की कार्यसमिति को लेकर तंज कसा और कहा, ये कार्यकारिणीनहीं, सर्कस है। कार्यकर्ता कोई बचा ही नहीं, जितने थे सब पदाधिकारी बना दो और इसके बाद भी कहा है कि अंतिम नहीं है, अभी और है। अब ये अद्भुत पार्टी है। 150 महामंत्री बना दो। 150 क्या अभी वो 550 भी कर देंगे।

वहीं भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. हितेश वाजपेयी ने जे पी अग्रवाल के बयान का जिक्र करते हुए कहा, ये अंतिम नहीं अंतरिम है, पिक्च र अभी बाकी है दोस्त। यात्रा का अंत होने दो बाकी फिर निपटाएंगे! कानपुर के कमलनाथ को दिल्ली के जेपी की जबरदस्त चोट।

एक तरफ जहां भाजपा हमले बोल रही है तो कांग्रेस ने भी जवाब दिया है। मीडिया विभाग के प्रमुख के के मिश्रा सामने आए और कहा, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कांग्रेस की 155 नेताओं की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी यदि सर्कस है। तो प्रदेश भाजपा की 488 नेताओं की कार्यसमिति की कहलाएगी? इसमें सासूजी, दामाद जी, बुआ-भतीजे भी शामिल हैं?

--आईएएनएस

एसएनपी/एएनएम

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