मायावती बोलीं, सरकार बनने पर बदले की भावना से नहीं रोकी जाएंगी योजनाएं

मायावती बोलीं, सरकार बनने पर बदले की भावना से नहीं रोकी जाएंगी योजनाएं
मायावती बोलीं, सरकार बनने पर बदले की भावना से नहीं रोकी जाएंगी योजनाएं लखनऊ, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) मुखिया मायावती ने उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपने अभियान का आगाज कर दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की जो भी योजनाएं चल रही हैं उन्हें बदले की भावना से रोका नहीं जाएगा।

बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्य तिथि पर आज लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती संबोधित कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने भाजपा के साथ ही सपा तथा कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बनने पर इस बार सबसे ज्यादा जोर यहां के गरीब और बेरोजगार नौजवानों को रोटी-रोजी के साधन उपलब्ध कराने पर होगा, इस बार यही हमारी पार्टी का मुख्य चुनावी मुद्दा भी होगा।

कहा कि कोरोना काल में दोनों ने मजदूरों को पलायन करने पर मजबूर कर दिया। केजरीवाल भी कम नहीं निकले और उन्होंने मजदूरों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की। अब बिजली पानी फ्री देने की बात कहकर यूपी में पांव जमाने की कोशिश में है और यह बात बिल्कुल झूठी है। नया घोषणा पत्र जारी नहीं कर रहे हैं बल्कि चल रहे कामों को पूरा कराएंगे।

मायावती ने एलान किया कि हम कोई घोषणा पत्र जारी नहीं कर रहे हैं लेकिन हमारी सरकार बनी तो हम अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में बसपा की तर्ज पर भाजपा द्वारा शुरू कराए गए विकास कार्यों को रोकेंगे नहीं बल्कि पूरा करेंगे। चाहे सड़क निर्माण हो अथवा पुल निर्माण पहले पुराने कामों को ठीक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कुछ छोटी पार्टियां अकेले या गठबंधन में रहकर केवल पर्दे के पीछे से सत्ताधारी दल को लाभ पहुंचाने की जुगत में हैं । उनसे सावधान रहना है साथ ही एक पार्टी ऐसी है जो स्वार्थी और टिकटार्थियों को शामिल कर अपना कुनबा बढ़ा रही हैं।

बसपा मुखिया ने कहा कि कुछ लोग बसपा को कमजोर दिखाने की कोशिश कर रहे हैं पर आज इस भीड़ को देखकर उन सभी को यह समझ जाना चाहिए कि बसपा में कितनी ताकत है। उन्होंने कहा कि सर्वे के चक्कर में नहीं पड़ना है। बंगाल में जो सर्वे आया था उसके उलट चुनाव परिणाम आया और ममता बनर्जी की सरकार बन गई।

मायावती ने कहा कि विपक्षी दल हिंदू मुस्लिम सांप्रदायिक रंग देकर राजनीतिक फायदा उठाने का प्रयास करेंगे लेकिन इससे सजग रहना है। अब सरकार में आंदोलित किसानों पर जुल्म इतना बढ़ गया है की अति हो गई है। लखीमपुर खीरी इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।

उन्होंने कहा कि यूपी की जनता अब बसपा शासन को याद कर रही है। यहां पर जनता ने भाजपा के साथ ही सपा तथा कांग्रेस का नाटक देख लिया है। हमारी पार्टी के लोग भी इनके नाटकों तथा हथकंडों से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 2007 में बसपा की बहुमत की सरकार थी। हमने यूपी को बेहतरीन कानून व्यवस्था दी थी। भाजपा, सपा तथा कांग्रेस वोट के लिए जनता से वादे कर रही हैं जो हवा हवाई है। उनमें रत्तीभर भी दम नहीं है। सभी विरोधी पार्टियां चुनावी घोषणापत्रों में प्रलोभन भरे चुनावी वादे करने वाली हैं।

--आईएएनएस

विकेटी/एएनएम

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