मेकेदातु पदयात्रा : कांग्रेस नेता शिवकुमार, सिद्धारमैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज

मेकेदातु पदयात्रा : कांग्रेस नेता शिवकुमार, सिद्धारमैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज
मेकेदातु पदयात्रा : कांग्रेस नेता शिवकुमार, सिद्धारमैया के खिलाफ एफआईआर दर्ज बेंगलुरु, 10 जनवरी (आईएएनएस)। कर्नाटक पुलिस ने सोमवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार, विपक्ष के नेता सिद्धारमैया और 30 अन्य लोगों के खिलाफ कोविड कर्फ्यू लागू रहने के बावजूद मेकेदातु परियोजना का काम जल्द शुरू करने की मांग करते हुए पदयात्रा (विरोध मार्च) करने पर एफआईआर दर्ज की।

रामनगर जिले के सतनूर थाने में आईपीसी की धारा 141, 143, 290, 336 और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

राज्य के गृहमंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने कांग्रेस नेताओं को चेतावनी दी थी कि वे ऐसे समय में बहुत बड़ा जोखिम उठा रहे हैं, जब राज्य में 10,000 से अधिक कोविड मामले सामने आ रहे हैं। यदि मामलों में और तेजी आती है, तो महीनेभर के लिए लॉकडाउन लागू लगाने के अलावा और कोई उपाय नहीं बचेगा। लॉकडाउन से लोग बुरी तरह प्रभावित होते हैं।

उन्होंने कहा, हमने देखा है कि किस तरह का स्वास्थ्य संकट था, कैसे मामले बढ़े और दूसरी लहर के दौरान लोगों की मौत हुई। अगर राज्य में ऐसी ही स्थिति फिर से बनती है, तो कांग्रेस को इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी।

ज्ञानेंद्र ने कहा कि आदेशों की अवहेलना करते हुए पदयात्रा निकालने वाले कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने में सरकार की लाचारी का सवाल ही नहीं उठता। कांग्रेस पार्टी ने 65 साल तक देश पर राज किया है। कोविड के दौरान कांग्रेस के नेताओं का राजनीतिक गतिविधि में शामिल होना ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा, लोग देख रहे हैं कि क्या हो रहा है। शिवकुमार ने कहा कि राज्य में कोई कोविड मामला नहीं है। वह बिना मास्क के चल रहे हैं और सिद्धारमैया में बुखार के लक्षण हैं। हम इसे लेकर चिंतित हैं।

उन्होंने कहा, हमारे पास पुलिस बल है और अगर हम आदेश देते हैं तो वे निश्चित रूप से कार्रवाई करेंगे। हम कोई अराजकता नहीं चाहते और इससे एक और त्रासदी नहीं होनी चाहिए।

कर्नाटक कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा सरकार द्वारा मेकेदातु परियोजना को तेजी से लागू करने की मांग को लेकर 10 दिवसीय पदयात्रा शुरू की है। धरना रविवार को शुरू हुआ था, जो अब दूसरे दिन में प्रवेश कर गया है।

शिवकुमार ने कोविड जांच कराने से इनकार कर दिया और कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को पदयात्रा रोकने के लिए सस्ती राजनीति नहीं करनी चाहिए।

जिले में कोविड-19 संबंधी पाबंदियों के बावजूद हजारों कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी कार्यकर्ता पदयात्रा में भाग ले रहे हैं।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

Share this story