रक्षा आयात पर निर्भर रहते हुए क्षेत्रीय महाशक्ति नहीं बन सकते : राष्ट्रपति कोविंद

रक्षा आयात पर निर्भर रहते हुए क्षेत्रीय महाशक्ति नहीं बन सकते : राष्ट्रपति कोविंद
रक्षा आयात पर निर्भर रहते हुए क्षेत्रीय महाशक्ति नहीं बन सकते : राष्ट्रपति कोविंद पणजी, 6 सितम्बर (आईएएनएस)। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि कोई भी देश रक्षा आयात पर निर्भर रहते हुए आर्थिक या क्षेत्रीय महाशक्ति बनने की आकांक्षा नहीं रख सकता है।

इंडियन नेवल एविएशन के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कोविंद ने यह भी कहा कि संकट के समय में भारतीय नौसेना की त्वरित और प्रभावी तैनाती ने पसंदीदा सुरक्षा भागीदार होने के भारत के ²ष्टिकोण को रेखांकित किया है।

कोविंद ने कहा, जैसे ही हम पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ते हैं, हमें यह याद रखना चाहिए कि कोई भी देश अपनी रक्षा के लिए आयात पर निर्भर रहते हुए आर्थिक या क्षेत्रीय महाशक्ति बनने की आकांक्षा नहीं रख सकता है।

भारतीय नौसेना स्वदेशीकरण में सबसे आगे रही है और यह नौसेना की वर्तमान और भविष्य की अधिग्रहण योजनाओं में अच्छी तरह से परिलक्षित होती है, जो स्वदेशीकरण द्वारा संचालित हैं। भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण के अनुसरण में, भारतीय नौसेना विमानन ने उन्होंने मेक इन इंडिया अभियान के अनुरूप लगातार प्रगति की है।

भारत के राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि यह गर्व की बात है कि भारत के सबसे नए विमानवाहक पोत, नए विक्रांत ने समुद्री परीक्षण शुरू कर दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने सभी क्षेत्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करने और हिंद-प्रशांत में मित्रों और भागीदारों के साथ अपने राजनयिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

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