राजस्थान पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा सांसद का धरना जारी

राजस्थान पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर भाजपा सांसद का धरना जारी
जयपुर, 25 जनवरी (आईएएनएस)। भाजपा के राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा ने अपने चार सूत्री मांगपत्र के साथ बुधवार को दूसरे दिन भी जयपुर-आगरा राजमार्ग पर अपना धरना जारी रखा और कहा कि राजस्थान सरकार जब तक पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच सहित उनकी चार मांगें पूरी नहीं करती, उनका धरना जारी रहेगा।

राजस्थान द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर दिसंबर 2022 में लीक हो गया था, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दी गई थी। पेपर लीक में कथित संलिप्तता के आरोप में अब तक उम्मीदवारों सहित 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले तीन वर्षो में पूरे राजस्थान से पेपर लीक के आठ मामले सामने आए हैं।

बुधवार को गृह राज्यमंत्री राजेंद्र यादव मीणा और उनके समर्थकों के साथ बातचीत करने के लिए राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में धरना स्थल पर पहुंचे।

इस बीच भाजपा ने भी मीणा के धरने को समर्थन दिया है। बुधवार को धरना स्थल पर केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर और विधायक रामलाल शर्मा सहित बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद थे।

मीणा ने दावा किया कि राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (आरईईटी) समेत 16 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हो गए हैं, जिससे 50 लाख से ज्यादा युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया है। ऐसे में इन सभी पेपर लीक मामलों की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में बाहरी राज्यों के युवाओं को सरकारी नौकरी में तरजीह मिल रही है, जिससे प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में राजस्थान के युवाओं को राज्य में सरकारी नौकरियों में 90 प्रतिशत तक आरक्षण दिया जाना चाहिए।

उनकी तीसरी मांग है कि 28 हजार कोविड हेल्थ असिस्टेंट (सीएचए) को नौकरी पर बहाल किया जाए। इसके साथ ही सभी सरकारी विभागों में रिक्त लाखों पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए।

उनकी आखिरी मांग राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के दौरान दूसरे राज्यों की फर्जी डिग्री के इस्तेमाल को लेकर है। मीणा ने कहा कि इसे रोकने के लिए प्रभावी रणनीति के तहत कार्रवाई की जाए।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि राजस्थान सरकार भ्रष्टाचारियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के लाखों युवाओं के सपने चकनाचूर करने वालों को क्लीन चिट दे दी है। ऐसे में पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। जब तक आदेश नहीं होगा, हम धरने पर बैठे रहेंगे।

उन्होंने कहा, मुख्य आरोपी सुरेश ढाका लंबे समय से जयपुर में एक कोचिंग सेंटर चला रहा था। इससे पहले भी वह पेपर लीक के मामलों में शामिल था। उसके प्रभाव के कारण पुलिस ने ढाका के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा।

सांसद ने कहा, ढाका ने अपने साथियों के साथ एक पेपर लीक गिरोह बनाया, जिसमें कई सरकारी कर्मचारी और बेरोजगार युवा शामिल थे, जिन्होंने राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। ढाका को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए, ताकि असली मास्टरमाइंड का पदार्फाश हो।

मंगलवार को मीणा अपने हजारों समर्थकों के साथ दौसा से जयपुर पहुंचे थे, जिससे जयपुर-आगरा हाईवे पर भीषण जाम लग गया। जयपुर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव के मीणा से बात करने के बाद मंगलवार देर रात हाईवे को आम लोगों के लिए खोल दिया गया।

--आईएएनएस

एसजीके/एएनएम

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