राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी यूपी की भूमिका अग्रणी - धर्मेंद्र प्रधान

राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी यूपी की भूमिका अग्रणी - धर्मेंद्र प्रधान
राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी यूपी की भूमिका अग्रणी - धर्मेंद्र प्रधान लखनऊ, 9 अक्टूबर(आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रभारी तथा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी यूपी की भूमिका को अग्रणी है।

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को राज्य के बेसिक, माध्यमिक, उच्च, प्राविधिक एवं व्यावसायिक शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान मंत्री प्रधान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने में भी यूपी की भूमिका को अग्रणी बताया है।

उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि यूपी में 5 करोड़ विद्यार्थी होने के नाते यह राज्य हमारे लिए काफी अहम है। यूपी की तरक्की के बिना राष्ट्र की तरक्की की कल्पना भी नहीं की जा सकती। शनिवार को राज्य व केंद्र के अधिकारियों के साथ की गई समीक्षा में सामने आया कि यूपी में सही मायनों में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया जा रहा है।

उन्होंने यूपी में एनसीसी में गर्ल्स स्टूडेंट की बड़ी सहभागिता, एनसीईआरटी की सस्ती किताबें उपलब्ध कराना और फीस रेगुलेशन एक्ट लागू करने की भी सराहना की। स्कूली शिक्षा को लेकर योगी जी की सरकार ने बहुत बड़ा कदम उठाया है। यहां के छात्रों को मिलने वाली किताबों को सहज बनाने के लिए यूपी सरकार और एनसीईआरटी ने मिलकर काफी सस्ते दर पर किताबें उपलब्ध करवाई हैं।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि यूपी के संस्कृत बोर्ड को एनआईओएस (राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान) के फ्रेमवर्क से जोड़ेंगे। इसमें जो भी समस्याएं आ रही होंगी, उन्हें दूर किया जाएगा।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अगर एनसीईआरटी की साइंस स्ट्रीम की किताबों में कुछ टॉपिक संक्षेप में दिए गए होंगे, तो उन्हें विस्तार देने के मामले में विचार किया जाएगा।

मंत्री प्रधान ने कहा कि अब यूपी के अधिकारियों को दिल्ली बुलाकर बदलाव के लिए आवश्यक चीजें उपलब्ध कराएंगे।

उनके साथ इस बैठक में यूपी के उप मुख्यमंत्री तथा माध्यमिक शिक्षा व उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, प्राविधिक शिक्षा मंत्री जितिन प्रसाद तथा बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार संतीश चंद्र द्विवेदी भी थे।

--आईएएनएस

विकेटी/एएनएम

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