रेलटेल ने 216 संस्थापनाओं के मेगा ई-ऑफिस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का कार्य पूरा किया

रेलटेल ने 216 संस्थापनाओं के मेगा ई-ऑफिस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का कार्य पूरा किया
रेलटेल ने 216 संस्थापनाओं के मेगा ई-ऑफिस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का कार्य पूरा किया नई दिल्ली, 10 मई (आईएएनएस)। रेलटेल, एनआईसी और एनआईसीएसआई ने उपयोगकर्ता संगठनों को एंड-टू-एंड वन-स्टॉप व्यवस्था के तहत एनआईसी की ई-ऑफिस और स्पेरो सेवाएं प्रदान करने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।

केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र के एक उपक्रम, रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (एनआईसी) और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र के अधीन कार्यरत भारत सरकार के एक उपक्रम एनआईसीएसआई ने उपयोगकर्ता संगठनों को एंड-टू-एंड वन-स्टॉप व्यवस्था के तहत एनआईसी की ई-ऑफिस और स्पेरो सेवाएं प्रदान कराने के लिए एक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन का उद्देश्य एंड-टू-एंड वन-स्टॉप व्यवस्था के तहत उपयोगकर्ता संगठनों को एक-दूसरे की सुविधाओं और क्षमताओं का लाभ उठाते हुए और उनमे तालमेल बैठाते हुए ई-ऑफिस और स्पेरो उत्पाद को डिप्लॉय करने, उसकी हॉस्टिंग, कोर रॉल-आउट, तकनीकी सपोर्ट और एडमिनिस्ट्रेशन सर्विसेस प्रदान करने के लिए भागीदारी करना है।

समझौता ज्ञापन एनआईसी के ई-ऑफिस और स्पैरो रोल-आउट को सक्षम करने के लिए विभिन्न घटकों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एनआईसी, एनआईसीएसआई और रेलटेल द्वारा संयुक्त रूप से उपयोगकर्ता संगठनों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम होगा। एनआईसी के ई-ऑफिस का उद्देश्य अंतर और अंत:सरकारी प्रक्रियाओं में अधिक प्रभावी और पारदर्शिता कायम करके गवर्नेंस को सपोर्ट करना है। एनआईसी के ई-ऑफिस का लक्ष्य केन्द्र, राज्य और जिला स्तरों पर समस्त सरकारी कार्यालयों में एक सरल, उत्तरदायी, प्रभावी और पारदर्शी पेपरलैस वर्किं ग की प्राप्ति करना है। यह उत्पाद स्वतंत्र गतिविधियों और प्रक्रियाओं को एकसाथ एक सिंगल फ्रेम में ले आता है।

एचओजी, एनआईसी, डीडीजी रचना श्रीवास्तव के अनुसार देश में अकेले ईफाइल मॉड्यूल का उपयोग 8.77 लाख से अधिक अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है और अब तक 3.19 करोड़ से अधिक ई-फाइलें बनाई जा चुकी हैं।

वहीं रेलटेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक पुनीत चावला ने कहा, रेलटेल के असेट्स और डोमेन एक्सपीरियंस तथा विशेषज्ञता से इस त्रि-पक्षीय समझौता ज्ञापन के उद्देश्यों के क्रियान्वयन में बहुत सहायता मिलेगी।

कोरोना महामारी के काल के बाद से, डिजिटल और पेपरलैस वकिर्ंग की आवश्यकता अब सबसे अधिक महसूस की जाने लगी है और डिजिटल इंडिया के लक्ष्य के अनुरूप समझौता ज्ञापन का आशय एनआईसी के ई-ऑफिस और स्पेरो को कई ऐसे संगठनों में तेजी से लागू करना है जहां इन पर काम होना बाकी है।

हाल ही में, रेलटेल ने भारतीय रेल की 216 संस्थापनाओं के मेगा ई-ऑफिस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन का कार्य पूरा किया है। इस समय, भारतीय रेल के 1.38 लाख उपयोगकर्ता ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं तथा 20 लाख से भी अधिक ई-फाइलें संभाल रहे हैं और उन्होंने 1.38 करोड़ ई-रसीदें क्रिएट की हैं। यह देश का सबसे बड़ा एनआईसी ई-ऑफिस रोल-आउट है। ई-ऑफिस के क्रियान्वयन से पारदर्शिता बढ़ी है, फाइलों का त्वरित और व्यवस्थित तरीके से निपटान हुआ है, बकाया फाइलों की समय से मॉनिटरिंग हुई है तथा वस्तुत: पेपरलैस ऑफिस कल्चर को लागू करते हुए कार्बन फुटप्रिंट में कटौती संभव हो सकी है।

--आईएएनएस

पीटीके/एएनएम

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