लखीमपुर खीरी हिंसा पर विपक्ष के आक्रामक तेवर - भाजपा की यह होगी रणनीति

लखीमपुर खीरी हिंसा पर विपक्ष के आक्रामक तेवर - भाजपा की यह होगी रणनीति
लखीमपुर खीरी हिंसा पर विपक्ष के आक्रामक तेवर - भाजपा की यह होगी रणनीति नई दिल्ली , 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। लखीमपुर खीरी हिंसा ने विपक्ष को एक बड़ा मुद्दा थमा दिया है। तमाम विरोधी दलों को यह लगा कि इसके सहारे उत्तर प्रदेश में लगभग शांत हो चुके किसान आंदोलन को फिर से उग्र बनाया जा सकता है और शायद यही वजह थी कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से लेकर सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, राष्ट्रीय लोकदल के जंयत चौधरी और शिवपाल सिंह यादव तक ने लखीमपुर जाने का ऐलान कर दिया।

अब तक किसान आंदोलन को लगभग बेअसर सा बना चुकी भाजपा के लिए यह एक बड़ी चुनौती के तौर पर सामने आया क्योंकि तमाम विरोधी दल इस घटना के सहारे भाजपा को किसान विरोधी साबित करने की कोशिश कर रहे थे और आरोप सीधे देश के गृह राज्य मंत्री और उनके बेटे पर लगाया जा रहा था।

राज्य में कुछ महीनों बाद विधानसभा के चुनाव भी होने हैं और इसलिए विरोधी दलों के आरोपों को खारिज करने के साथ-साथ जनमानस में भी पार्टी और सरकार के स्टैंड को साफ करने के लिए भाजपा ने रणनीति बनाई और तेजी से काम किया। पार्टी ने आने वाले चुनाव को देखते हुए इस मुद्दें पर आने वाले दिनों में भी फ्रंटफुट पर आकर विरोधी दलों पर तीखा हमला करने का निश्चय किया है।

आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा के एक नेता ने बताया कि देश विरोधी हिंसक तत्वों ने किसान आंदोलन में घुसपैठ कर ली है और इन्ही तत्वों ने लालकिले पर भी देश को शर्मसार किया था और लखीमपुर में हुई हिंसा के लिए भी यही तत्व जिम्मेदार है।

भाजपा नेता ने बताया कि देश के 99.9 प्रतिशत किसान भाजपा के साथ हैं और देश विरोधी ये तत्व कुछ किसानों को बरगलाने में लगे हैं। आने वाले दिनों में भाजपा के तमाम नेता अपने सभी कार्यक्रमों, सभाओं और बैठकों में इन हिंसक तत्वों को बेनकाब करेंगे और देश की आम जनता खासकर किसानों को इन लोगों का सच बताएंगे।

भाजपा नेता ने यह बताया कि विपक्षी दलों के इन तेवरों के प्रभाव में आए बिना भाजपा आक्रामक तरीकों से तमाम विरोधी दलों को बेनकाब करेगी। उन्होंने बताया कि जहां तक केंद्रीय मंत्री और उनके बेटे पर लग रहे आरोपों का सवाल है, वो स्वयं अपनी स्थिति कई बार स्पष्ट कर विरोधी दलों को साबित करने की चुनौती दे चुके हैं।

--आईएएनएस

एसटीपी/एएनएम

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