लखीमपुर जा रहे सिद्धू, पुलिस हिरासत में, कहा- हम डरने वाले नहीं (लीड-1)

लखीमपुर जा रहे सिद्धू, पुलिस हिरासत में, कहा- हम डरने वाले नहीं (लीड-1)
लखीमपुर जा रहे सिद्धू, पुलिस हिरासत में, कहा- हम डरने वाले नहीं (लीड-1) नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। पंजाब के मोहाली से शुरू हुए अपने काफिले के साथ लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हुए पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू को उत्तरप्रदेश पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सिद्धू ने कहा, हम डरने वाले लोग नहीं हैं, हम पंजाबी हैं।

जानकारी के अनुसार सिद्धू को सहारनपुर पुलिस प्रशासन द्वारा सरसावा थाना क्षेत्र के शाहजहांपुर स्थित यूपी हरियाणा बॉर्डर पर ही रोक दिया गया। इस दौरान नवजोत सिंह सिद्धू, उनके समर्थकों की पुलिस प्रशासन से नोकझोंक भी हुई। इस बहस के दौरान सिद्धू ने सहारनपुर में अधिकारियों से कहा, हम डरने वाले लोग नहीं हैं, हम पंजाबी हैं।

इतना ही नहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन द्वारा लगाए गए बेरिकेड्स को भी तोड़ने का प्रयास किया। मौके पर काफी देर से हंगामा होता रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। लेकिन सहारनपुर पुलिस लगातार ये कहती रही कि यहां पर धारा 144 लगी हुई है। इसलिए किसी को भी भीड़ जमा नहीं करने दी जाएगी। केवल पांच लोगों को ही जाने की इजाजत दी जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार लेकिन कांग्रेस नेताओं और विधायकों के अड़े रहने के बाद सिद्धू व अन्य कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सिद्धू के साथ इस काफिले में कांग्रेस के कई नेता मौजूद रहे। इसमें पंजाब कैबिनेट के मंत्री विजेन्द्र सिंगला और अन्य कई मंत्री व विधायक भी शामिल हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन की पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बातचीत जारी है।

कांग्रेस के अनुसार लखीमपुर खीरी में हुई घटना के विरोध और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कांग्रेस पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान सहित कई राज्यों में इस तरह के मार्च निकाल रही है, ये मार्च पंजाब के मोहाली से लखीमपुर खीरी जा रहा था। खास बात ये है कि मार्च के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि अगर गृह राज्य मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वो भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। पंजाब कांग्रेस ने इस काफिले में पंजाब से करीब 10,000 गाड़ियों के शामिल होने का दावा किया है पंजाब के कुल 117 विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ता इसमें शामिल हैं।

--आईएएनएस

पीटीके/एएनएम

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