वकील या डॉक्टर बनना चाहती हैं खुशी दुबे

वकील या डॉक्टर बनना चाहती हैं खुशी दुबे
कानपुर, 26 जनवरी (आईएएनएस)। बिकरू नरसंहार की आरोपी और मारे गए गैंगस्टर अमर दुबे की पत्नी खुशी दुबे हाल ही में 30 महीने बाद जेल से रिहा हुई। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपनी पढ़ाई जारी रखने की इच्छा जाहिर की है।

खुशी नीट क्वालिफाई कर एमबीबीएस करना चाहती है और कहा कि वह इसके लिए पढ़ाई करेगी, या फिर कानून की पढ़ाई करेगी।

उन्होंने अपने घर पर संवाददाताओं से कहा कि वह अतीत को पीछे छोड़कर अपने लिए एक नया भविष्य बनाना चाहती हैं।

उन्होंने कहा, अगर डॉक्टर नहीं, तो मैं कानून की पढ़ाई करना चाहूंगी ताकि मैं अपने जैसे अन्य लोगों की मदद कर सकूं।

खुशी ने कहा कि वह जानती हैं कि उन्हें लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी है लेकिन वह इसके लिए तैयार हैं।

हालांकि वह अतीत या बिकरू कांड के बारे में बात नहीं करना चाहती।

उन्होंने कहा, मेरी शादी को सिर्फ तीन दिन हुए थे और मुझे नहीं पता था कि क्या हुआ। अचानक मुझे पुलिस उठा ले गई और चार दिनों तक पुलिस हिरासत में जो मैंने झेला, वह कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैं सोचना भी नहीं चाहती।

बिकरू कांड में 3 जुलाई, 2020 को आठ पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी गई थी। इस कांड के मास्टरमाइंड विकास दुबे और उसका भतीजा अमर दुबे था।

खुशी ने आगे कहा कि उसके घर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है, जो पड़ोसियों को असहज कर रहे है।

उन्होंने कहा, मुझे नहीं पता कि ये कैमरे किसने लगवाए हैं। अगर पुलिस को मेरी सुरक्षा की इतनी ही चिंता है, तो उन्हें मुझे सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए।

--आईएएनएस

पीके/एसकेपी

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