शाह ने असम में अर्धसैनिक बलों के लिए वर्कशॉप और स्टोर की आधारशिला रखी

शाह ने असम में अर्धसैनिक बलों के लिए वर्कशॉप और स्टोर की आधारशिला रखी
शाह ने असम में अर्धसैनिक बलों के लिए वर्कशॉप और स्टोर की आधारशिला रखी गुवाहाटी, 9 मई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में सभी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति के लिए असम के तामुलपुर में भारत में अपनी तरह की बीएसएफ की दूसरी केंद्रीय कार्यशाला (सेंट्रल वर्कशॉप) और स्टोर की नींव रखी।

वर्तमान में मध्य प्रदेश के टेकनपुर स्थित सेंट्रल वर्कशॉप और स्टोर्स से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति की जा रही है।

शिलान्यास समारोह के बाद शाह ने कहा कि भविष्य में यहां से बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और अन्य अर्धसैनिक बलों को सभी हथियार और गोला-बारूद की आपूर्ति की जाएगी।

गृह मंत्री ने तामुलपुर में सभा को संबोधित करते हुए कहा, कार्यशाला और स्टोर स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा जिससे भविष्य में करोड़ों रुपये की बचत होगी।

शाह रविवार देर रात गुवाहाटी पहुंचे थे और वह असम में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने पर सोमवार और मंगलवार को कम से कम आठ अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होंगे।

शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में हम विभिन्न आतंकवादी समूहों के 9,000 से अधिक कार्यकतार्ओं द्वारा हथियार डालने और मुख्यधारा में शामिल होने के बाद शांति स्थापित करने में सक्षम हुए हैं।

शाह ने कहा, हमने कहा था कि यह क्षेत्र गोलियों, आतंकवाद और बम धमाकों से मुक्त होगा। यहां शिक्षा, उद्योग, रोजगार और खेती बाड़ी की बात आगे बढ़ाएंगे। आज हमें इस बात का बहुत संतोष है कि इतने कम समय में भारत सरकार और असम सरकार ने समझौते की 90 प्रतिशत शर्तों को पूरा कर लिया है और बोडोलैंड के साथ हमने जो वायदा किया था उसे पूरा कर दिया है।

गृह मंत्री ने कहा, मैं यहां के लोगों को एक बार फिर आश्वस्त कराना चाहता हूं कि बोडोलैंड की जनता सामाजिक, सांस्कृतिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से और अधिक सशक्त होगी। यहां की भाषा, संस्कृति और आर्थिक विकास केवल आपकी चिंता नहीं है बल्कि भारत सरकार और असम सरकार की चिंता का भी विषय है।

गृह मंत्री ने कहा, जहां तक बीटीआर समझौते का सवाल है, हमें 3 वर्ष की अवधि के अंदर 1500 करोड़ रुपये बीटीआर के विकास के लिए देने थे, आज पूरा विशेष पैकेज मंजूर कर असम सरकार और भारत सरकार ने 1500 करोड़ की जगह 1980 करोड़ रुपए देने का काम किया है और हमने इसमें संस्थागत विकास को प्राथमिकता दी है। 500 करोड़ रुपए का डीपीआर भारत सरकार के पास विचाराधीन है और बहुत ही कम समय के अंदर हम इसको मंजूरी दे देंगे।

गृह मंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार बोडो समुदाय का कोई व्यक्ति असम विधानसभा का अध्यक्ष (बिस्वजीत दैमारी) बना है।

शाह ने कहा, हम आत्मनिर्भर बोडोलैंड बनाने की दिशा में काम करेंगे। बोडोलैंड में शांति लाने के बाद, अब हम बोडोलैंड के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने की कोशिश करेंगे। बोडोलैंड क्षेत्र के राजनीतिक सशक्तिकरण के साथ-साथ इसका सर्वांगीण विकास होगा।

बीएसएफ अधिकारियों के साथ गृह मंत्री ने इससे पहले राज्य के मनकाचर सेक्टर से असम-बांग्लादेश सीमा पर स्थिति की समीक्षा की और बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की।

शाह ने घुसपैठ, मवेशी-तस्करी, सीमा पर बाड़ लगाने, नदी में गश्त आदि से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

उन्होंने क्षेत्र में बड़ी संख्या में एकत्र हुए ग्रामीणों से भी बातचीत की।

गृह मंत्री की उपस्थिति में भारत और बांग्लादेश दोनों के सीमा पर निगरानी रखने वाले सुरक्षा कर्मियों द्वारा फ्लैग मार्च किया गया।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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