शिवसेना ने हाईकोर्ट से बीएमसी को दशहरा रैली की अनुमति का निर्देश देने की मांग की (लीड-1)

शिवसेना ने हाईकोर्ट से बीएमसी को दशहरा रैली की अनुमति का निर्देश देने की मांग की (लीड-1)
शिवसेना ने हाईकोर्ट से बीएमसी को दशहरा रैली की अनुमति का निर्देश देने की मांग की (लीड-1) मुंबई, 21 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना ने बंबई उच्च न्यायालय में बुधवार को एक याचिका दायर कर बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को यहां शिवाजी पार्क में अपनी वार्षिक दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की है।

शिवसेना के वकील जोएल कार्लोस के माध्यम से दायर याचिका का उल्लेख न्यायमूर्ति आरडी धानुका और न्यायमूर्ति कमल खता की खंडपीठ के समक्ष किया गया। उन्होंने इसे गुरुवार को तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

याचिका में शिवसेना ने कहा कि वह 1966 से ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में अपनी पारंपरिक वार्षिक दशहरा रैली आयोजित कर रही है। साल 2020 और 2021 में कोरोना महामारी प्रतिबंधों के कारण आयोजित नहीं किया गया था।

प्रक्रिया के अनुसार, पार्टी ने 26 अगस्त को बीएमसी को इस साल 5 अक्टूबर को दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति के लिए आवेदन किया था।

हालांकि, अब लगभग एक महीने से अनुमति नहीं दी गई है, जिससे पार्टी को बीएमसी को उपयुक्त निर्देश के लिए उच्च न्यायालय का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

शिवसेना, जिसने बीएमसी जी-वार्ड सहायक नगर आयुक्त और अन्य अधिकारियों को भी प्रतिवादी बनाया है, ने तर्क दिया कि पूरे महाराष्ट्र और भारत के अन्य हिस्सों से पार्टी कार्यकर्ता और नेता बिना किसी आमंत्रण या घोषणा के शिवाजी पार्क पहुंचते हैं।

पार्टी ने कहा कि उसने हमेशा बिना किसी कानून-व्यवस्था के मुद्दों को पैदा किए विभिन्न कानूनी प्रावधानों का पालन किया है, और न ही दशहरा रैली में किसी भी कानून या बीएमसी की शर्तो का उल्लंघन किया है, क्योंकि यह हमेशा अनुशासित तरीके से आयोजित किया जाता है।

शिवसेना ने उच्च न्यायालय से बीएमसी को तीन दिन के भीतर दशहरा दिवस (5 अक्टूबर) को शाम 5 से 10 बजे रात तक अपनी वार्षिक रैली आयोजित करने की अनुमति देने का निर्देश देने का आग्रह किया।

इस साल, जून में शिवसेना में विभाजन होने के साथ एक अभूतपूर्व स्थिति उत्पन्न हुई है। एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी गुट ने भाजपा के साथ मिलकर शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को 29 जून को गिरा दिया।

दोनों सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित अपने मामले के साथ असली शिवसेना होने का दावा कर रहे हैं, और एक ही तारीख और समय पर एक समान रैली के लिए शिवाजी पार्क पर नजर गड़ाए हुए हैं।

एमवीए के सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि शिवाजी पार्क में दशहरा रैली शिवसेना का पर्याय है, जबकि विपक्ष के नेता अजीत पवार और कांग्रेस नेताओं ने भी आयोजन स्थल पर ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना के दावे का समर्थन किया है।

आक्रामक रुख अपनाते हुए शिवसेना नेता मिलिंद वैद्य ने कहा है कि बीएमसी और सरकार को या तो अनुमति देनी चाहिए या इसे अस्वीकार करना चाहिए और अगर मना भी किया जाता है, तो पार्टी शिवाजी पार्क में अपना कैलेंडर कार्यक्रम आयोजित करेगी, जैसा कि वह पिछले 55 वर्षो से करती रही है।

--आईएएनएस

एसजीके

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