संसद को कैसे चलाना चाहिए, इस पर उपराष्ट्रपति का चुनाव जनमत संग्रह है : मार्गरेट अल्वा

संसद को कैसे चलाना चाहिए, इस पर उपराष्ट्रपति का चुनाव जनमत संग्रह है : मार्गरेट अल्वा
संसद को कैसे चलाना चाहिए, इस पर उपराष्ट्रपति का चुनाव जनमत संग्रह है : मार्गरेट अल्वा नई दिल्ली, 2 अगस्त (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा ने सभी दलों के सांसदों को एक पत्र लिखा है और कहा है कि इस उपचुनाव को एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जाना चाहिए कि संसद कैसे चल रही है।

उन्होंने ट्वीट किया, मैंने सभी दलों के संसद सदस्यों को लिखा है, यह बताते हुए कि मुझे क्यों लगता है कि 6 अगस्त को उपराष्ट्रपति चुनाव सिर्फ एक और चुनाव नहीं है, बल्कि इसे एक जनमत संग्रह के रूप में देखा जाना चाहिए कि संसद कैसे चल रही है। सांसदों के पास बदलाव लाने की शक्ति है। मैंने उनसे उस शक्ति का उपयोग करने का आग्रह किया है।

पत्र में उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का चुनाव, जिसमें केवल संसद के सदस्य वोट करते हैं, सिर्फ एक और चुनाव नहीं है, बल्कि इसे संसद चलाने के तरीके पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जाना चाहिए और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर आम सहमति बनाने की मौलिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विघटन, जिसमें आप, लोगों के प्रतिनिधि के रूप में, एक महत्वपूर्ण हितधारक हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि संसद वस्तुत: ठप है, सदस्यों के बीच संचार टूट गया है और अविश्वास, गुस्सा और व्यक्तिगत हमलों और दुर्व्यवहार के बिना महत्वपूर्ण राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर बहस करने में असमर्थता है। इससे लोगों की नजर में संसद और उसके सदस्य कम हो जाते हैं।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि संसद के दोनों सदनों के सदस्य, एक केंद्रीय मंत्री, एक राज्यपाल और संयुक्त राष्ट्र और अन्य वैश्विक प्लेटफार्मों पर भारत के एक गौरवशाली प्रतिनिधि के रूप में उनके सार्वजनिक जीवन में 50 वर्ष हैं।

--आईएएनएस

एसकेके/एसकेपी

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