सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के स्पीकर से मुकुल रॉय की अयोग्यता पर जल्द फैसला करने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के स्पीकर से मुकुल रॉय की अयोग्यता पर जल्द फैसला करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल के स्पीकर से मुकुल रॉय की अयोग्यता पर जल्द फैसला करने को कहा नई दिल्ली, 22 नवंबर (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा अध्यक्ष से कहा कि वह मुकुल रॉय के भाजपा से तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिका पर जल्द से जल्द फैसला लें।

न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्न की पीठ ने मामले को जनवरी के तीसरे सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया। पीठ ने मौखिक रूप से दलबदल विरोधी कानूनों के तहत दलबदल करने वाले विधायकों की अयोग्यता पर निर्णय लेने में देरी पर चिंता व्यक्त की। शीर्ष अदालत को बताया गया कि स्पीकर ने अयोग्यता याचिका पर अगली सुनवाई 21 दिसंबर को तय की है।

सुनवाई की शुरुआत में, पीठ ने पश्चिम बंगाल सरकार के वकील से पूछा कि क्या उच्च न्यायालय ने 7 अक्टूबर को कोई आदेश पारित किया है। वकील ने शीर्ष अदालत को सूचित किया कि उसने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका के कारण मामले को स्थगित कर दिया।

पीठ ने कहा कि ऐसे कई मामले हैं, जहां अध्यक्ष (स्पीकर) द्वारा देरी की जाती है और अदालत से अक्सर कहा जाता है कि वह दूर रहें और अध्यक्ष को निर्णय लेने दें।

शीर्ष अदालत उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष की एक याचिका शामिल है, जिसमें उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत रॉय की अयोग्यता पर विचार करने के लिए कहा गया था।

सितंबर में उच्च न्यायालय ने अध्यक्ष को 7 अक्टूबर तक रॉय की अयोग्यता पर निर्णय लेने के लिए कहा था। अदालत ने कहा था कि यहा तो स्पीकर इस मामले पर निर्णय लें या फिर वह खुद इस मामले पर फैसला करेगा। हाईकोर्ट ने यह आदेश बीजेपी विधायक अंबिका रॉय की ओर से दायर एक याचिका पर दिया था।

याचिका में, अंबिका रॉय ने विधानसभा के पीएसी (लोक लेखा समिति) के अध्यक्ष के रूप में मुकुल रॉय की नियुक्ति को चुनौती दी थी, एक ऐसा पद, जो विपक्ष के नेता के लिए आरक्षित है। रॉय 2017 में भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन 11 जून को उन्होंने घर वापसी करते हुए फिर से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दामन थाम लिया।

--आईएएनएस

एकेके/एएनएम

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