हथियार ना होने पर भी यूक्रेन अपनी लड़ाई जारी रखेगा

हथियार ना होने पर भी यूक्रेन अपनी लड़ाई जारी रखेगा
हथियार ना होने पर भी यूक्रेन अपनी लड़ाई जारी रखेगा कीव, 20 जून (आईएएनएस)। यूक्रेन रूस के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा, भले ही उसके पास कोई हथियार न हो। इसलिए पश्चिम को अपने हथियारों के शिपमेंट में तेजी लानी चाहिए या अपने सैनिकों की मौत के लिए जिम्मेदार होना चाहिए इस बयान को खुद विदेश मंत्री दिमित्री कुलेबा ने जारी किया है।

जर्मन सार्वजनिक प्रसारक एआरडी के साथ एक साक्षात्कार में कुलेबा के हवाले से कहा गया, अगर हमें हथियार नहीं मिले तो ठीक है। हम फावड़ियों से लड़ेंगे। लेकिन हम अपना बचाव करते रहेंगे क्योंकि यह हमारे अस्तित्व के लिए एक युद्ध है।

जितनी जल्दी हमें हथियार मिलते हैं, जितनी जल्दी वे भेजे जाते हैं, वे हमारा उतना ही अच्छा करेंगे। अगर वे देर से आते हैं, तो भी हम आपको धन्यवाद देंगे, लेकिन तब बहुत सारी बर्बादी होगी और बहुत से लोग मारे गए होंगे।

यह टिप्पणी एक शो के दौरान हुई, शो में मेहमानों की सूची में यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष उसुर्ला वॉन डेर लेयेन और कई जर्मन राजनेता और राजनीतिक विशेषज्ञ भी शामिल थे।

कुलेबा ने कहा कि, रूसी तोपखाने ने यूक्रेन के डोनबास में 15 से 1 को पछाड़ दिया, जो कि कई वरिष्ठ यूक्रेनी अधिकारियों ने हाल ही में दिए गए बयानों को प्रतिध्वनित किया।

विदेश मंत्री ने कहा कि सत्ता के इस तरह के असंतुलन से कीव नहीं जीत सकता।

कुलेबा ने दावा किया है कि, पश्चिमी राजनेता, जो मानते हैं कि कीव को रूस को रियायतें देनी चाहिए और युद्ध के मैदान पर विकट स्थिति के कारण शांति समझौते के साथ संघर्ष को निपटाने के लिए सहमत होना चाहिए गलत हैं।

पूर्व सोवियत गणराज्यों में से कुछ सबसे बड़े सैन्य भंडार के साथ यूक्रेन को छोड़ दिया गया था जब यूएसएसआर भंग हो गया था।

अब यह कहता है कि यह पूर्व में रूस और सहयोगी सेनाओं के खिलाफ लड़ते हुए अपने आधे से अधिक भारी हथियारों को खो चुका है।

--आईएएनएस

पीटी/एएनएम

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