हिंदुत्व का मंदिर कहे जाने वाले मातोश्री पर हनुमान चालीसा पर प्रतिबंध क्यों ? - विहिप ने उठाए सवाल

हिंदुत्व का मंदिर कहे जाने वाले  मातोश्री  पर हनुमान चालीसा पर प्रतिबंध क्यों ? - विहिप ने उठाए सवाल
हिंदुत्व का मंदिर कहे जाने वाले  मातोश्री  पर हनुमान चालीसा पर प्रतिबंध क्यों ? - विहिप ने उठाए सवाल नई दिल्ली, 2 मई (आईएएनएस)। हनुमान चालीसा को लेकर जारी विवाद को लेकर महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार पर निशाना साधते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि जिस मातोश्री को एक जमाने में हिंदुत्व का मंदिर कहा जाता था, वहां पर अब हनुमान चालीसा पढ़ने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

शिवसेना और महाराष्ट्र के ठाकरे सरकार के रवैये को लेकर सवाल खड़ा करते हुए विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि क्या मातोश्री प्रतिबंधित क्षेत्र हो गया है ? क्या यह पाकिस्तान का हिस्सा हो गया है ?

बंसल ने हनुमान चालीसा पर अघोषित प्रतिबंध लगाने की कोशिश करने वाले लोगों को इससे बाज आने की नसीहत देते हुए नवनीत राणा और उनके पति के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर भी महाराष्ट्र सरकार की निंदा की। उन्होंने आगे कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के जिस फैसले का हवाला दिया जा रहा है वह माननीय न्यायालय ने 2005 में दिया था और अगर उस समय से ही उसे पूरी तरह से लागू किया जाता तो अब तक ध्वनि प्रदूषण समाप्त हो गया होता। लेकिन इसे लागू करने में भी सरकार ने धार्मिक आधार पर भेदभाव किया गया।

राज ठाकरे की पार्टी द्वारा चलाए जा रहे अभियान में विश्व हिंदू परिषद के शामिल होने की खबरों को खारिज करते हुए एक बार फिर से विहिप प्रवक्ता ने कहा कि, हम ( विहिप) किसी राजनीतिक दल का न तो समर्थन करते हैं और न ही किसी तरह के राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होते हैं । इसलिए हमारे मनसे के कार्यक्रम में शामिल होने की खबरें पूरी तरह से निराधार है।

--आईएएनएस

एसटीपी/एएनएम

Share this story