Paper Leak History In India: देश में कब-कब हुई पेपर लीक की घटना? जानिए पूरी इतिहास

Paper Leak History In India In Hindi

पेपर लीक का इतिहास

Paper Leak History In India In Hindi

Paper Leak History In India

पेपर लीक का इतिहास

Paper Leak History In India In Hindi: समाचार डेस्क, नई दिल्ली। मलाल है मगर इतना मलाल थोड़ी है‚ ये आंख रोने की शिद्दत से लाल थोड़ी है‚ बस अपने वास्ते ही फिक्रमंद हैं सब लोग‚ यहां किसी को किसी का ख्याल थोड़ी है.एक शायर की ये लाइनें यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा लीक से परेशान युवाओं की तकलीफ को एकदम सटीक बयां कर रही हैं। इस पेपर लीक कांड के बाद सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि जो देश विश्व गुरु बनने का दावा कर रहा हो‚ उस देश के सामने सरकारी नौकरी की परीक्षा कराना चुनौती क्यों बनता जा रहा हैॽ आइए जानते हैं देश में कब-कब हुई पेपर लीक की घटना?

देश में पेपर लीक कांड का मामला कोई नया नहीं है। राजस्थान‚ उत्तराखंड‚ बिहार‚ झारखंड‚ तेलंगाना समेत देश के अलग–अलग राज्यों से पेपर लीक की खबरें सामने आ चुकी हैं। पेपर लीक मामला अखबारों की सुर्खियों से लेकर अलग–अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक खबरों में खूब छाया। इस गंभीर विषय पर चर्चा भी बहुत हुई‚ लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। आइए‚ जानते हैं कि अब तक किन–किन राज्यों से पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। 

यूपीः पुलिस भर्ती में पेपर लीक
उत्तर प्रदेश पुलिस के आरक्षी (सिपाही) के 60 हजार से अधिक पदों के लिए 17 और 18 फरवरी को राज्य के सभी 75 जिलों में परीक्षा आयोजित की गई थी‚ जिसमें करीब 48 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के दौरान करीब 244 ‘सॉल्वर' और परीक्षा में सेंध लगाने के प्रयास में जुटे गिरोह के कई लोग पकड़े गए थे। पेपर लीक होने के आरोपों के बाद यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा 2023 को रद्द कर दिया गया। यूपी लोक सेवा आयोग की 11 फरवरी को हुई समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) परीक्षा 2023 से जुड़ी शिकायतों की भी जांच कराने का निर्णय लिया गया है। 

उत्तराखंडः अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पेपर लीक
साल 2022 में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद हंगामा मच गया। अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे थे। हंगामे की गंभीरता को समझते हुए खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एक्शन मोड में आ गए थे। सीएम धामी ने यूकेएसएसएससी पेपर लीक केस को लेकर समीक्षा बैठक की और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। धामी ने पेपर लीक के दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए थे। सीएम धामी ने यह भी कहा था कि दोषियों की संपत्ति जब्त की जाएगी और नये सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। बीते साल उत्तराखंड में 8 जनवरी को हुई पटवारी की परीक्षा भी रद्द कर दी गई।

राजस्थानः पेपर लीक में सबसे आगे
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक‚ राजस्थान में 2019 के बाद से हर साल औसतन 3 पेपर लीक हुए। इससे लगभग 40 लाख छात्र प्रभावित हुए। एक जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पाया कि लीक हुए पेपर 5 से 15 लाख रुपये में बिके। राज्य में 2011 से 2022 के बीच पेपर लीक के लगभग 26 मामले दर्ज किए गए। उनमें से 14 पिछले चार वर्षों में रिपोर्ट किए गए। पेपर लीक के कारण रद्द की गई परीक्षाओं में ग्रेड–3 लाइब्रेरियन के लिए भर्ती परीक्षा है। इसे दिसम्बर 2011 में पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया। इसने लगभग 55 हजार युवाओं को प्रभावित किया‚ जिन्होंने 700 रिक्त पदों के लिए आवेदन किया था। सब–इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा का प्रश्न पत्र सितम्बर 2021 में लीक हुआ था।

झारखंडः जेई परीक्षा का पेपर लीक
1562 से अधिक पदों पर नियुक्ति के लिए डिप्लोमा स्तर (जूनियर इंजीनियर) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 3 जुलाई 2022 को अभ्यÌथयों ने परीक्षा दी। पेपर लीक की शिकायत के बाद परीक्षा रद्द हो गई। दूसरी बार यह परीक्षा 2022 के अक्टूबर–नवम्बर में हुई। रिजल्ट आने ही वाला था कि राज्य सरकार की जेएसएससी स्नातकस्तरीय परीक्षा संचालन नियमावली रद्द हो गई। अप्रैल 2023 में फिर विज्ञापन निकाला गया। 2023 के सितम्बर–अक्तूबर में तीसरी बार यह परीक्षा ली गई।

बिहारः सिपाही भर्ती में पेपर लीक
बिहार में 1 अक्टूबर 2023 को 21 हजार से अधिक पदों पर सिपाही बहाली की परीक्षा हुई थी। इसका प्रश्न–पत्र परीक्षा के घंटे भर पहले वायरल होने के बाद इसे रद्द करना पड़ा था।

इसरोः भर्ती परीक्षा रद्द
बीते साल विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने इसरो भर्ती परीक्षा 2023 को कैंसिल कर दिया था। इस परीक्षा का आयोजन तकनीकी स्टाफ पदों पर भÌतयों के लिए किया जा रहा था। केरल में परीक्षा के दौरान यह मामला सामने आया था। भर्ती परीक्षा का आयोजन वीएसएससी की ओर से 20 अगस्त 2023 को तिरु वनंतपुरम के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। परीक्षा के जरिए तकनीशियन–बी‚ ड्राफ्ट्समैन–बी और रेडियोग्राफर–ए के पदों को भरा जाना था।

चौंका रहे हैं ये आंकड़े
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक‚ पिछले 5 सालों में भारत के 15 राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। करीबन 41 भर्ती परीक्षाओं में परीक्षा से पहले पेपर लीक हो गया था। तेलंगाना और मप्र में 5 परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। मप्र की 5 परीक्षाओं में कुल 3690 पदों पर आवेदन मांगे गए थे‚ इनमें 1 लाख 64 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठने वाले थे। जम्मू–कश्मीर में 3 परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। 

Share this story