जनजातीय कारीगरों का सुधरेगा आर्थिक स्तर ,सरकार ने उठाये कदम

 ट्राइफेड करेगा जनजातीय लोगों द्वारा तैयार किये गए क्राफ्ट की मार्केटिंग
 

जनजातीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के साथ-साथ डिजाइन विकास के लिए ट्राइफेड ने क्राफ्ट विलेज के साथ समझौता ज्ञापन दस्‍तावेजों का आदान-प्रदान किया

जनजातियों के जीवन और आजीविका को बेहतर बनाने और जनजातीय सशक्तीकरण की दिशा में कार्य करने के लिए वर्तमान प्रयासों के एक अंग के रूप में, ट्राइफेड विभिन्न संगठनों के साथ साझेदारी करने के लिए वचनबद्ध है। इस संदर्भ में, ट्राइफेड ने शिल्‍प के क्षेत्र में प्रशिक्षण और कला संवर्धन की दिशा में कार्यरत जेडईपीएचवाईआर द्वारा संचालित एक स्थापित संगठन क्राफ्ट विलेज के साथ के साथ एक समझौता किया है।

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ट्राइफेड और क्राफ्ट विलेज ने कल एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान किया। इस समझौते का आदान-प्रदान क्राफ्ट विलेज की संस्थापक सुश्री इति त्यागी और ट्राइफेड के  कार्यकारी निदेशक श्री अनुपम त्रिवेदी के बीच किया गया। इस अवसर पर ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री प्रवीर कृष्ण  और दोनों संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। दोनों संगठनों ने निम्नलिखित क्षेत्रों में जनजातीय समुदायों के समग्र उत्थान की दिशा में संयुक्त रूप से काम करने हेतु भागीदारी की है:

  1. ट्राइफेड और क्राफ्ट विलेज ऐसे विविध माध्‍यमों को विकसित करेगा जो न केवल कार्यात्मक होंगे बल्कि वैश्विक स्तर पर आकर्षक भी होंगे। डिजाइन का विकास क्राफ्ट विलेज परिसर के साथ-साथ उन जनजातीय समूहों या कारीगरों अथवा कारीगर समूहों में किया जाएगा जो इसमें अपना नाम दर्ज कराएंगे। विकसित उत्पादों का विपणन ट्राइफेड द्वारा अपने ट्राइब्स इंडिया नेटवर्क में मौजूद बि‍क्री स्‍थलों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्‍यम से किया जाएगा।
  2. ये संगठन जनजातीय कला और शिल्प रूपों के बारे में आम जनता को जानकारी देने और उन्‍हें इनके प्रति संवेदनशील बनाने के लिए विभिन्न जनजातीय कलाओं और शिल्प कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों का आयोजन करेंगे।
  3. इसके अतिरिक्त, ये संगठन जनजातीय कारीगरों और शिल्पकारों के लिए संयुक्त रूप से प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रम आयोजित करेंगे ताकि वे बेहतर उत्पादों का निर्माण कर सकें।

इस महत्‍वपूर्ण सहयोग के अन्य पहलुओं में जनजातीय कलाकारों को बेहतर आर्थिक अवसर उपलब्‍ध कराने में सहायता प्रदान करने के लिए चुनिंदा अंतर्राष्ट्रीय लोक कला बाजारों में उनके उत्‍पादों की प्रदर्शनी भी शामिल है। दोनों संगठन इन जनजातीय समुदायों के बारे में जानकारी का प्रसार करने के लिए जनजातीय शिल्प, संस्कृति और भोजन पर फिल्में बनाने के लिए भी मिलकर कार्य करने की योजना बना रहे हैं। इस सहयोग का उद्देश्य एक अनुकूलित समुदाय-आधारित रचनात्मक निर्माण प्रणाली विकसित करना है जो इन उत्पादों को वैश्विक उपभोक्‍ताओं तक ले जाने में मदद करती है।

इस सहयोग के सफल कार्यान्वयन के साथ, ट्राइफेड जनजातीय कलाकारों के कौशल को विकसित करके जनजातीय कारीगरों को सशक्त बनाने के अलावा उनकी आय और आजीविका बढ़ाने में मदद के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय उपभोक्‍ताओं तक पहुंचाने में सहायता करने की उम्‍मीद रखता है। इस तरह की और अन्य गतिविधियों के माध्यम से, ट्राइफेड  देश भर में जनजातीय लोगों के जीवन और उनकी आजीविका को पूरी तरह से परिवर्तन की दिशा में कार्य कर रहा है।

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