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वैजयंती फूल की इस माला को पहनने से ही "ग्रहों" का दोष हो जाता है दूर

भगवान श्री कृष्ण वैजयंती की माला धारण किए रहते हैं। इस माला के अपमान के कारण इन्द्र से लक्ष्मी रुठ गई थी

वैजयंती फूल की इस माला को पहनने से ही ग्रहों का दोष हो जाता है दूर
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वैजयंती फूल के आष्चर्यचकित कर देने वाले उपाय 


Dharm Jyotish Desk -फूलों का अपना महत्व है और उनका अलग- अलग रंग अलग अलग देवताओं के लिए होता है इसलिए देवी देवताओं को अलग-अलग रंगों के फूल चढ़ाए जाते हैं यह बताया जाता है कि या भगवान को फ्री होते हैं और किस प्रकार की पूजा करनी है उसके लिए भी अलग फूलों का महत्व है

ग्रह दोषों को दूर करने के लिए फूल।

भगवान श्री कृष्ण को जो फूल सबसे पसंद है वह है वैजयंती(Canna Flower)। कई कथाओं में उल्लेख मिलता है कि भगवान श्री कृष्ण वैजयंती की माला धारण किए रहते हैं। इस माला के अपमान के कारण इन्द्र से लक्ष्मी रुठ गई और देवराज इन्द्र को दर दर भटकना पड़ा। वैजयंती फूल के विषय में कहा गया है कि यह बहुत ही सौभाग्यशाली वृक्ष होता है।इसके बीजों की माला धारण करने से ग्रह दोषों से बचाव होता है। मंत्र साधना में भी इसकी माला बहुत ही लाभप्रद मानी जाती है। मान्यता है कि पुष्य नक्षत्र में वैजयंती के बीजों की माला धारण करना बहुत ही शुभ फलदायक होता है।

लक्ष्मी माता का प्रिय फूल

लक्ष्मी माता को सबसे अधिक प्रिय कमल पुष्प है। शास्त्रों के अनुसार कमल पुष्प पर देवी लक्ष्मी का वास होता है। माना जाता है कि जो व्यक्ति इसके बीजों की माला जिसे कमल गट्टे की माला के नाम से जाना जाता है धारण करता है उस पर सदैव लक्ष्मी की कृपा रहती है।अक्षय तृतीया, दीपावली, अक्षय नवमी के दिन इस माला से कनकधारा स्तोत्र का जप करने वाले को धन लाभ के अवसर मिलते रहते हैं। इस माला को धारण करने वाला शत्रुओं पर विजयी होता है।

शनि सताए तो यह फूल बचाए

शनि महाराज को खुश करना हो या विष्णु भगवान की कृपा पानी होनी तो एक ही फूल से दोनों काम संभव है। हम जिस फूल की बात कर रहे हैं उसकी तुलना मां दुर्गा के आंखों से की जाती है। नीले रंग के इस फूल का नाम है अपराजिता।शनिवार के दिन इस फूल से पीपल की पूजा करें और शनि महाराज को अर्पित करें तो शनि के अशुभ प्रभाव में कमी आती है। भगवान विष्णु को भी नीले रंग का अपराजित प्रिय है। जबकि सफेद अपराजित भगवान शिव का प्रिय होने के कारण शिव जी को चढ़ाया जाता है।

मां दुर्गा का प्रिय पुष्य

शक्ति की देवी मां दुर्गा को सबसे प्रिय है पुष्प है गुड़हल। लाल रंग का यह फूल हनुमान जी और मंगल ग्रह की शांति में भी कारगर होता है। नवरात्र के दिनों में गुड़हल के फूल से पूजा और इसकी माला दुर्गा माता को अर्पित करने से ग्रहों के विपरीत प्रभाव से बचाव होता है।

नवरात्रि में दुर्गा पूजा का महत्व भी बढ़ जाता है और ऐसे में मा की आराधना करने के लिए लाल फूलों का विशेष महत्व है ।

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