Shani Vakri 23 may effect: ऐसे कर्म करने वालों पर होती है शनि की वक्री नजर, नहीं मिलता जीवन में सुख-शांति

Shani
Shani vakri: शनिदेव हर मनुष्य को उसको उसके कर्म के हिसाब से फल देते हैं। इंसान अगर जिंदगी में सही कर्म किया तो वह बहुत ऊंचाई तक जाता है।

Shani Vakri 23  may effects  : ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफलदाता कहा गया है। इसका मतलब ये है कि शनिदेव हर मनुष्य को उसको उसके कर्म के हिसाब से फल देते हैं। इंसान अगर जिंदगी में सही कर्म किया तो वह बहुत ऊंचाई तक जाता है। वहीं अगर इंसान बुरे काम करता है तो उसे जीते जी नर्क के समान दुख भोगने से कोई नहीं रोक सकता। आज हम आपको कुछ ऐसे कर्मों के बारे में बता रहे हैं, जिसे करने वालों को हमेशा शनिदेव का दंड सहना पड़ता है।

माता-पिता का निरादर करने वाले

शनिदेव उन लोगों पर बहुत अधिक क्रोधित होते हैं जिनका जीवन अस्त-व्यस्त रहता है। साथ ही जो लोग अपने समय का दुरूपयोग करते हैं, शनिदेव ऐसे लोगों से भी नाराज रहते हैं और दंड देते हैं। इसके अलावा ऐसे लोग जो हर काम में झूठ का ही सहारा लेता है, ऐसे लोग भी शनि के कोप का भाजन बनते हैं। जो लोग जानबूझकर इंसान को धोखा देते हैं, ऐसे जातक भी शनि के दंड से नहीं बच पाते। इतना ही नहीं, वे लोग भी शनि की वक्री प्रभाव से नहीं बच पाते जो माता-पिता का निरादर करते हैं। शनि की वक्री नजर से ऐसे इंसान भी नहीं बच पाते जो घर-परिवार अथवा अन्य जगह भी बड़ों का अपमान करते हैं।

बुजुर्ग, असहाय को कष्ट देने वाले

शनिदेव ऐसे लोगों को भी अपनी वक्री दृष्टि का भी भाजन बनाते हैं जो असहाय लोगों को कष्ट देते हैं। साथ ही शनिदेव ऐसे लोगों को भी अत्यधिक कष्ट देते हैं जो बुजुर्गों का अपमान करते हैं। इसके अलावा ऐसे इंसान भी शनि की वक्र दृष्टि से नहीं बच पाते जो विधवा महिला का अपमान करते हैं।


मंदिर-देवताओं का अपमान करने वाले

शनिदेव ऐसे लोगों पर भी बेहद कष्ट देते हैं जो देवताओं का अपमान करते हैं। साथ ही साथ ऐसे लोग भी शनि की वक्री दृष्टि से नहीं बच पाते जो मंदिर का अपमान करते हैं। 


शनिदेव की कृपा पाने के लिए क्या करें ? 

शनिवार के दिन शनि मंदिर में तिल के तेल का दीपक जलाएं। अगर शनि मंदिर जाना संभव नहीं है तो ऐसे में माता-पिता की सेवा करें। अगर माता-पिता पास में न हो तो अपने कर्म को अच्छे से करें। शनि चालीसा का बोल बोलकर पाठ करें। इसके अलावा शनि मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। परंतु यह ध्यान रखना आवश्यक होगा कि मंत्र का जाप पूरे विधि-विधान से होना चाहिए।

गरीब-जरूरतमंद को भी उनके जरूरत की वस्तु दान कर सकते हैं। 

काले उड़द या तिल का दान भी कर सकते हैं। 

कोरोना काल में घर से बाहर निकलना सेहत के नजरिए से अच्छा नहीं है। ऐसे में दान कर कहीं रख लें और बाद में उसका दान करें।

Share this story