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गोंडा में पाए जाने वाले इस बेशकीमती लकड़ी के हवन से मिलता है "राजयोग"

खैर की लकड़ी मंगल ग्रह के हवन के लिए उपयोग किया जाता है मंगल ग्रह मजबूत होने से सुख वैभव और सम्मान मिलता है

गोंडा में पाए जाने वाले इस बेशकीमती लकड़ी के हवन से मिलता है राजयोग
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गोंडा में पाया जाने वाला खैर का जंगल जिसकी लकड़ी के हवन से मंगल ग्रह मजबूत होता है 

तो महदेइया के जंगल में छिपा है खैर का खजाना

,मजबूत और देखने मे सुन्दर होते है खैर से बने फर्नीचर

,औषधीय गुणों से भरपूर है खैर की जड लकडी व पत्ता

राजेन्द्र तिवारी

State News गोण्डा। खैर जंगल में मिलने वाली वनस्पतियों में बेशकीमती लकड़ी मारी जाती है खैर से पान में खाया जाने वाला कत्था तो बनता ही है ।इसका आयुर्वेदिक औषधियों में भी प्रयोग होता है। खैर से बने फर्नीचर मजबूत व चमकदार होते हैं । खैर इन उपयोगिताओं के साथ पूजा पाठ व हवन में भी काम आता है। यह है मंगल ग्रह शांति के लिए प्रमुख समिधा है खैर की इन्हीं विशेषताओं के कारण शासन ने इसे संरक्षित वृक्ष में शामिल किया है खैर का वृक्ष लंबा मोटा होता है जिसमें कांटे भी होते हैं जिस की छाल से औषधियां बनाई जाती हैं।

भूमि और भवन का मंगल ग्रह कारक है ।जिसे प्रसन्न करने के लिए खैर की लकड़ी अधिक उपयोगी है। मंगल युद्ध में विजय भी दिलाता है ज्योतिषी आचार्य प्रदीप तिवारी के अनुसार शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि की मंगल देव सेना का सेनापति है इसलिए मुकदमा युद्ध सहित सर्वत्र क्षेत्र में विजयश्री दिलाने के लिए उसे कारक कहा जाता है। यदि किसी की कुंडली में मंगल नीच स्थान पर मैं नीच राशि में है तो उसको उदर विकार या पेट की समस्या से पीड़ित रहना पड़ता है। मंगल का अगर शुक्र से योग हो जाता है। तो संबंधित व्यक्ति सांसारिक वैभव को प्राप्त करता है। अगर यही योग जन्म कुंडली नीच स्थान में होता है ।तो व्यक्ति मधुमेह रोग से पीड़ित रहता है। इसके उपचार के लिए खैर की लकड़ी से हवन कराना चाहिए। यही नही इसके बने पात्र में जल आदि का सेवन करना चाहिए ।जिससे व्यक्ति को लाभ होता है।आचार्य ने बताया कि मंगल के उच्च स्थान मे होने से शत्रु परास्त हो जाते हैं।ऐसे मे खैर औषधीय गुणों से पूर्ण होने के साथ साथ दैवीय कृपा से ओतप्रोत है। जिसकी घर घर मे पूजा की जाती है।



आचार्य प्रदीप तिवारी

ग्रह शान्ति मे खैर का प्रमुख स्थान

गोण्डा। ग्रह शांति के लिए हवन पूजन में काम आने वाली वनस्पतियों में खैर का प्रमुख स्थान है यह लकड़ी मंगल ग्रह के लिए सर्वोत्तम मानी गई है ।जिसे सभी यज्ञ हवन पूजन में प्रयोग किया जाता है।


मंगल बनाता है राजयोग

गोण्डा। ज्योतिषाचार्यों की मानें तो ग्रहों की चाल में मंगल का प्रमुख स्थान होता है मंगल एक ऐसा ग्रह है जो व्यक्ति को फर्श से अर्श तक पहुंचा सकता है यह है राजयोग का कारक ग्रह भी माना जाता है।


मोतीगंज के करीब है जंगल

गोण्डा। तहसील सदर अंतर्गत विकास खंड झंझरी के छाछ पारा के बगल स्थित मेहंदेया जंगल में औषधीय गुणों से और ओतप्रोत यह वनस्पतियां मौजूद हैं जिन्हें वन विभाग ने संरक्षित कर रखा है दर्जी कुआं मनकापुर मार्ग से छाछपारा गांव को जाने वाली सड़क से कुछ दूरी पर यह जंगल स्थित है।

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