दिल्ली के तीनों निगमों में पूर्वी निगम क्षेत्र में एक भी इमारत जर्जर नहीं, कुल 23 लाख से अधिक इमारतों के सर्वे में 703 जर्जर

दिल्ली के तीनों निगमों में पूर्वी निगम क्षेत्र में एक भी इमारत जर्जर नहीं, कुल 23 लाख से अधिक इमारतों के सर्वे में 703 जर्जर
दिल्ली के तीनों निगमों में पूर्वी निगम क्षेत्र में एक भी इमारत जर्जर नहीं, कुल 23 लाख से अधिक इमारतों के सर्वे में 703 जर्जर नई दिल्ली, 14 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तरी दिल्ली नगर निगम क्षेत्र के अधीन आने वाली एक इमारत सोमवार सुबह जमींदोज हो गई। इस घटना में 2 मासूम बच्चों की जान तक चली गई। राजधानी में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी इस तरह की घटनाए हो चुकीं हैं।

हालांकि तीनों निगम अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाली पुरानी इमारतों का सर्वे करते हैं, जिसमें खतरनाक इमारतों और किन इमारतों को मरम्मत की जरूरत है, उनको चिन्हित किया जाता है।

इन सर्वे के बावजूद भी इस तरह की घटनाएं होना अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते है।

दरअसल निगम द्वारा सर्वे होने के बाद खतरनाक इमारतों को एक महीने के भीतर खाली कराने का नोटिस जारी करते है, वहीं कम खतरनाक इमारतों को मरम्मत का सुझाव देते हैं।

यदि आंकड़ों की बात करें तो तीनों निगमों में कुल 23 लाख 66 हजार से अधिक इमारतों के सर्वे में कुल 703 इमारत ही जर्जर पाई गई, वहीं यह जानकार हैरानी जरूर होगी कि, 703 जर्जर इमारतों में से अकेले 699 इमारतें सिर्फ उत्तरी नगर निगम अधिकार क्षेत्र में हैं।

इसके अलावा दक्षिणी नगर निगम क्षेत्र में मात्र 4 इमारतें जर्जर है तो वहीं पूर्वी निगम में एक भी इमारत जर्जर नहीं पाई गई है।

दक्षिणी निगम के आंकड़ो के अनुसार, निगम के अधिकार क्षेत्र में कुल 11 लाख 44 हजार 954 इमारतें शामिल है। वहीं इस वर्ष 1 जुलाई तक करीब 9 लाख 98 हजार 778 इमारतों का सर्वे हुआ।

इनमें कुल 4 इमारतें ही खतरनाक श्रेणी में पाई गई। जबकि अन्य बची हुई इमारतों का सर्वे भी जारी है।

तीनों निगमों द्वारा साझा किए गए आंकड़ो के मुताबिक,पूूर्वी नगर निगम के अधिकर क्षेत्र में कुल 3 लाख 87 हजार 980 इमारतों का सर्वे हुआ, इसमें एक भी इमारत जर्जर नहीं पाई गई हैं

वहीं उत्तरी निगम इलाके में 8 लाख 34 हजार कुल इमारते जर्जर इमारतों के सर्वे में शामिल रही है। तीनों निगमों के जर्जर इमारतों के सर्वे में 703 इमारते ही जर्जर पाई गई।

--आईएएनएस

एमएसके/आरजेएस

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