मप्र में दूग्ध फेडरेशन के टैंकरों में चोरी रोकने के लिए लगेंगे डिजिटल लॉक

मप्र में  दूग्ध फेडरेशन के टैंकरों में चोरी रोकने के लिए लगेंगे डिजिटल लॉक
मप्र में  दूग्ध फेडरेशन के टैंकरों में चोरी रोकने के लिए लगेंगे डिजिटल लॉक भोपाल, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में दूध में मिलावट की आ रही शिकायतों को रोकने के मकसद से एम.पी. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन टैंकरों में डिजिटल लॉक और वीटीएस का उपयोग करने जा रहा है।

फेडरेशन के प्रबंध संचालक शमीमुद्दीन ने बताया कि साँची के दूध टैंकरों में दूध की चोरी और पानी मिलाने की घटनाओं को रोकने के लिये प्रदेश के सभी दुग्ध संघों के 155 टेंकरों में डिजिटल लॉक, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम और पी.एच. सेंसर लगाये जा रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का संभवत पहला राज्य होगा, जहाँ राज्य दुग्ध संघ द्वारा दूध की उच्च गुणवत्ता बनाये रखने के लिये यह पहल की जा रही है।

फेडरेशन के प्रबंध संचालक ने बताया कि यह सुनिश्चित करने के लिये कि टैंकर अधिकृत व्यक्ति द्वारा निर्धारित स्थान पर ही खोला जा रहा है, दूध टैंकरों में इनलेट और आउटलेट पर उच्च गुणवत्ता के आईपी-68, ईएन-16864, सीईएन-4 सर्टिफाइड मेकट्रॉनिक्स डिजिटल लॉक लगाये जाएंगे। यह लॉक वॉटरप्रूफ होंगे और 20 से 65 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर कार्य कर सकेंगे। लॉक्स में 128 बिट इन्क्रिप्शन होगा, जिन्हें ओटीपी आधारित ब्लूटूथ चाबियों से ही खोला जा सकेगा।

बताया गया है कि जिन टैंकरों में दूध का परिवहन होगा उनकी निगरानी का पूरा कार्य सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रदेश में चार स्थानों पर स्थापित नियंत्रण कक्ष द्वारा किया जाएगा। टैंकरों के संचालन की ट्रेकिंग भी व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम के माध्यम से की जाएगी। इससे टैंकर निर्धारित मार्ग से हट नहीं सकेंगे। टैंकर के पूर्व निर्धारित मार्ग से हटने, पूर्व निर्धारित समिति के अतिरिक्त अन्य स्थान पर पर खड़े होने अथवा छेड़-छाड़ किये जाने की स्थिति में संबंधितों को एलर्ट जारी होंगे। दूध में मिलावट न हो इसके लिए अधिकारी मोबाइल एप के माध्यम से टैंकरों के परिचालन पर निगरानी रखेंगे। पीएच सेंसर के माध्यम से दूध में पानी अथवा किसी भी चीज की मिलावट होने पर पता लग जाएगा। उल्लेखनीय है कि साँची प्रदेश का प्रतिष्ठित ब्रांड है, जो गुणवत्ता के लिए पहचाना जाता है। साथ ही उसकी इस छवि को बनाए रखने की दिषा में यह कदम उठाए जा रहे है।

ज्ञात हो कि पिछले दिनों सांची दूध में मिलावट के मामले सामने आ चुके है। उसके बाद से लगातार फेडरेषन मिलावट को रोकने के लिए कदम उठा रहा है।

--आईएएनएस

एसएनपी/आरजेएस

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