मुंडका अग्निकांड : लापता लोगों के परिजन आंसू और अनिश्चितता में डूबे

मुंडका अग्निकांड : लापता लोगों के परिजन आंसू और अनिश्चितता में डूबे
मुंडका अग्निकांड : लापता लोगों के परिजन आंसू और अनिश्चितता में डूबे नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। दिल्ली के मुंडका में चार मंजिला इमारत में लगी भीषण आग में कम से कम 27 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग लापता हैं और उनके रिश्तेदार निराशा और अनिश्चितता में डूबे गए हैं।

संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में शोक का माहौल व्याप्त हो गया, जहां शुक्रवार शाम को हुई घटना के बाद घायलों के साथ-साथ शवों को भी ले जाया गया।

आग की चपेट में आए सैकड़ों परिजन शनिवार की सुबह से ही अस्पताल के बाहर इंतजार कर रहे हैं और अभी तक उनके परिजनों का कोई ब्योरा नहीं मिला है।

जले हुए अवशेषों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया है। इस बीच, प्रशासन त्रासदी के बाद से लापता लोगों के ठिकाने के बारे में भी अनजान है।

आईएएनएस से बात करते हुए, डीसीपी आउटर समीर शर्मा ने कहा, हमने कल लगभग 50 लोगों को बचाया। पीड़ितों की पहचान प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब तक, केवल पांच शवों की पहचान की गई है।

उन्होंने यह भी कहा कि 12 घायलों को छुट्टी दे दी गई है।

डीसीपी शर्मा ने कहा, हम उन शवों के लिए डीएनए प्रक्रिया शुरू करेंगे जिनकी वर्तमान में पहचान नहीं की जा सकती है। इसके लिए, एक एफएसएल टीम कम समय के भीतर पहचान प्रक्रिया को पूरा करने का प्रयास करेगी।

जबकि एक घायल चश्मदीद ने आईएएनएस को बताया कि आग लगने के समय फैक्ट्री मालिक के साथ बैठक चल रही थी।

उसने कहा कि चूंकि सभी बैठक कक्ष के अंदर थे, इसलिए उन्हें आग लगने की जानकारी बाद में ही मिली।

जब वे इमारत से भागने लगे, तो निकास बंद था, गवाह ने कहा कि वह खुद को बचाने के लिए इमारत से कूद गई।

इस बीच, भाजपा सांसद हंस राज हंस ने भी शनिवार को अस्पताल का दौरा किया और कहा कि भविष्य की घटनाओं से बचने के लिए हमें इस त्रासदी से सीख लेनी चाहिए।

उन्होंने फायर लाइसेंसों की ठीक से जांच नहीं करने के लिए अधिकारियों को भी फटकार लगाई।

इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी, जबकि घायलों को दिल्ली सरकार द्वारा प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

--आईएएनएस

आरएचए/एएनएम

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