हेट क्राइम को रोकने के लिए सिखों ने की अमेरिकी अधिकारियों से चर्चा

हेट क्राइम को रोकने के लिए सिखों ने की अमेरिकी अधिकारियों से चर्चा
न्यूयॉर्क, 27 फरवरी (आईएएनएस)। नफरत व घृणा के बढ़ते मामलों के समाधान के लिए उत्तरी कैरोलिना के चार्लोट शहर के सिख समुदाय के प्रतिनिधियों ने अमेरिकी अधिकारियों से मुलाकात की। चार्लोट में गुरुद्वारा खालसा दरबार में रविवार को आयोजित बैठक, न्याय विभाग की यूनाइटेड अगेंस्ट हेट (यूएएच) पहल के हिस्से के रूप में आयोजित की जाने वाली कार्यक्रमों की श्रृंखला में पहली थी।

यूएस अटॉर्नी देना जे किंग ने कहा, पश्चिमी जिले के समुदायों में लोगों को भय, हिंसा और डराने-धमकाने से मुक्त जीवन जीने का अधिकार है। यह मौलिक अधिकार संविधान द्वारा गारंटीकृत और संरक्षित है। दुर्भाग्य से, कुछ समूहों को घृणा और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

किंग ने एक न्याय विभाग में कहा, इस पहल का उद्देश्य हमारे समुदायों की रक्षा करना, सदस्यों को उनके अधिकारों और संबंधित कानून के बारे में शिक्षित करना, घृणित अपराधों और घृणा की घटनाओं की रिपोटिर्ंग के लिए एक अवसर प्रदान करना और हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली में विश्वास बढ़ाना है।

इस दौरान घृणा अपराधों और नागरिक अधिकारों के उल्लंघनों पर मुकदमा चलाने के अनुभव वाले सहायक अमेरिकी अटॉर्नी और एफबीआई के साथ कानून प्रवर्तन प्रतिनिधियों और चार्लोट मेक्लेनबर्ग पुलिस विभाग द्वारा एक प्रस्तुति दी गई।

प्रस्तुतकतार्ओं ने घृणा अपराधों बनाम घृणास्पद घटनाओं को परिभाषित करने सहित घृणा अपराधों पर केंद्रित सिख समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की।

यूनाइटेड सिख्स के प्रतिनिधि पुष्पिंदर गरचा ने कहा कार्यालय की मदद से, हम हमेशा अपने समुदाय के सामने आने वाली किसी भी चुनौती से सहायता के लिए संघीय कानून प्रवर्तन तक पहुंचने में सक्षम रहे हैं।

यूनाइटेड अगेंस्ट हेट पहल की घोषणा सितंबर 2022 में न्याय विभाग द्वारा उत्तरी कैरोलिना के पश्चिमी जिले में घृणा अपराधों से लड़ने के लिए एक राष्ट्रीय कार्यक्रम के रूप में की गई थी।

फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) द्वारा बताए गए आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में 2021 में धर्म से संबंधित 1,005 घृणा अपराध दर्ज किए गए, जिनमें सिख सबसे अधिक लक्षित धार्मिक समूह थे।

हेट क्राइम स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक धर्म आधारित अपराधों की सबसे बड़ी श्रेणियों में यहूदी विरोधी घटनाएं 31.9 प्रतिशत और सिख विरोधी घटनाएं 21.3 प्रतिशत थीं।

--आईएएनएस

सीबीटी

Share this story