धन और घर की समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी

Nukkad natak
 

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय 
लखनऊ। उत्तर प्रदेश दिवस के उपलक्ष्य में क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय पर्यटन निर्देशालय उत्तर प्रदेश, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी, नव अंशिका फाउंडेशन & थिएटर एंड फिल्म वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वाधान मे लखनऊ नाट्य समारोह के अंतर्गत सातवे दिवस पर वाल्मीकि रंगशाला  में डॉ0 शंकर शेष द्वारा लिखित नाटक घरौंदा का निर्देशन मोहम्मद फु़जै़ल के द्वारा किया गया 
नाटक के लेखक डॉ शंकर शेष इस नाटक ने समाज के अनेक पहलुओं को उजागर करने का प्रयास किया है सुदीप और छाया के जीवन को दर्शाने की कोशिश की है जो मुंबई के मध्यम वर्ग से ताल्लुक रखते हैं और एक ही कार्यालय में काम करते हैं सुदीप और छाया एक दूसरे से प्यार करने लगते हैं शादी करने के लिए योजना बनाते हैं इस प्रक्रिया में वह घर खरीदने के लिए एक-एक पैसा इकट्ठा करते हैं वह एक घर की तलाश करते हैं जो उनके बजट के अनुकूल हो इस बीच मदन छाया में दिलचस्पी लेना शुरू कर देता है क्योंकि वह उसकी दिवंगत पत्नी की तरह दिखती है मदन एक दिल का मरीज है लेकिन सुदीप को इसमें एक बड़ा अवसर नजर आता है सुदीप  बताता है मदन दिल का मरीज है और कुछ ही महीनों में मर जाएगा वे शादी कर लेंगे और उनके धन और घर की समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी छाया का इस तरह के सुझाव से सुदीप से मोहभंग हो गया  था और बे मन से मदन के प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है समाज सभ्यता से जुड़े रहने के लिए अच्छा संदेश है

मुख्य भूमिका में प्रत्यक्ष 

मदन        अमितेश कुमार सिंह 
छाया        अर्पिता सिंह
सुदीप       आदित्य कुमार
डॉ0 बंसल डॉ0 इसरार अली "अयाज़" 
मोहन        बनवारी सैनी 


        *परोक्ष में*  
रंगदीपन - तमाल बोस, 
संगीत संचालन- अमन कुमार 
मुख सज्जा - राजा सिंह, अर्पिता सिंह 
वेशभूषा- अर्चना मिधा 
रिहर्सल इंचार्ज - अमन कुमार 
प्रस्तुति नियंत्रक-  अनामिका सिंह, 
मंच संचालन - कवलजीत सिंह 

लेखक  सुप्रसिद्ध लेखक
डॉक्टर शंकर शेष 

नाट्य निर्देशन 
मोहम्मद फ़ुजैल 

नीशू त्यागी
अध्यक्ष
नव अंशिका फाउंडेशन

राजेश जैसवाल
संरक्षक
नव अंशिका फाउंडेशन

राहुल गुप्ता
प्रदेश अध्यक्ष
थिएटर एंड फिल्म वेलफेयर एसोसिएशन
               शामिल रहे।

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