आयुष कवच एप पर जुड़ेगा बच्‍चों की सेहत से जुड़ा फीचर, अस्‍पतालों में बनेगी हेल्‍पडेस्‍क* 

Ayush
 

*आयुष विभाग ने शुरू की कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी* 

*मुख्‍यमंत्री के निर्देश पर आयुष विशेषज्ञ ने बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर शुरू किया काम* 

*लखनऊ। 19 मई* 

कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए योगी सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। विशेषज्ञ तीसरी लहर में बच्‍चों के लिए खतरनाक बना रहे हैं। ऐसे में अस्‍पतालों में अभी से बच्‍चों के इलाज से जुड़ी तैयारियां शुरू हो गई है। वहीं, आयुष विभाग ने भी कोरोना की तीसरी लहर से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। आयुष विभाग अपने सभी अस्‍पतालों में बच्‍चों के स्‍वस्‍थ्‍य को लेकर एक हेल्‍प डेस्‍क बनाने जा रहा है। साथ ही आयुष कवच एप पर बच्‍चों की सेहत से जुड़ा एक नया फीचर भी जोड़ने जा रहा है। 

मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आयुष विशेषज्ञों से आयुर्वेद की पुरानी परम्‍पराओं से कोरोना संक्रामित लोगों के इलाज की बात कहीं थी। इसके बाद से आयुष विभाग लगातार होमआइसोलेटेड मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं, काढ़ा आदि वितरित करा रहा है। अब आयुष विभाग ने अब संभावित कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी शुरू कर दी है। आयुष विभाग के प्रभारी अधिकारी डॉ अशोक कुमार दीक्षित के मुताबिक कोरोना काल में आयुष कवच मोबाइल एप लोगों में काफी लोकप्रिय हुआ है। ढ़ाई लाख से अधिक लोग इसका इस्‍तेमाल कर रहे हैं। 

उन्‍होंने बताया कि आयुष कवच एप पर जल्‍दी बच्‍चों की सेहत से जुड़ा एक फीचर जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसमें बच्‍चों की सेहत का मौसम के हिसाब से कैसे ख्‍याल रखें, किस तरह से बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को बढ़ाया जाए, कौनसी घरेलू औषद्यीय के जरिए उनकी सेहत बेहतर बनाए, इसकी जानकारी लोगों को दी जाएगी। 

*अस्‍पतालों में बनेगी बच्‍चों के लिए हेल्‍प डेस्‍क* 

डॉ अशोक बताते हैं कि प्रदेश में आयुष विभाग के करीब 2104 चिकित्‍सालय हैं। इनमें से लखनऊ, बनारस, पीलीभीत समेत अन्‍य जिलों में 8 बड़े अस्‍पताल है। इन सभी अस्‍पतालों में बच्‍चों के स्‍वस्‍थ्‍य से जुड़ी एक हेल्‍पडेस्‍क बनाई जाएगी। जहां पर आयुष डॉक्‍टर लोगों को बच्‍चों की सेहत और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाई जाए इसकी जानकारी देंगे। इसके अलावा यहां से बच्‍चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं का वितरण भी किया जाएगा। अस्‍पतालों में ओपीडी खुलने पर बच्‍चों का इलाज भी यहां शुरू किया जाएगा।

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