एकेटीयू में याद किये गए भारतीय भेषजी के जनक प्रो.श्रॉफ

Bhartiya bheshji

भारतीय भेषजी शिक्षा दिवस पर हुआ वेबिनार

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

लखनऊ। एकेटीयू परिसर के फार्मेसी संकाय में राष्ट्रीय भेषजी शिक्षा दिवस मनाया गया। कुलपति प्रो. जे.पी. पांडेय के निर्देशन में विश्वविद्यालय परिसर में संचालित फैकल्टी ऑफ फार्मेसी में प्रो. महादेव लाल श्रॉफ की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर संकाय के सहायक आचार्य डॉ. जयबीर सिंह, डॉ नीलकंठ मणि पुजारी, डॉ विकास चौधरी, सुश्री प्रिया आर्या ने प्रो. श्रॉफ के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया। इस अवसर पर संकाय में वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें फार्मेसी के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। वेबिनार में डॉ जयबीर सिंह ने कहा कि भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रो. श्रॉफ ने सर्वप्रथम बीएचयू में बी.फार्मा और एम.फार्मा पाठ्यक्रम की शुरुआत की थी। वे बीएचयू में फार्मास्यूटिकल साइंसेस विभाग के विभागाध्यक्ष भी रहे।

डॉ नीलकण्ठ मणि पुजारी ने बताया कि प्रो. श्रॉफ ने प्रथम भारतीय फार्मेसी शोध पत्रिका "इंडियन जर्नल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेस की शुरुआत की और साथ ही इंडियन फार्मास्यूटिकल कांग्रेस एसोसिएशन की भी स्थापना की। उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए ही गतवर्ष से फार्मेसी कॉउन्सिल ऑफ इंडिया ने उनकी जयंती 6 मार्च को नेशनल फार्मेसी एजुकेशन डे के रूप में मनाने की घोषणा की थी। डॉ विकास चौधरी ने फार्मेसी शिक्षा में उनके योगदान को अमूल्य बताया।

सुश्री प्रिया आर्या ने कहा कि भारत मे औषधि अनुसंधान के लिए शिक्षित फार्मासिस्ट तैयार हो इस महान उद्देश्य के लिए प्रो. श्रॉफ का जीवन समर्पित था। इस अवसर पर फार्मेसी संकाय के प्रोफेसर और नोडल अधिकारी डॉ आकाश वेद ने सभी को प्रो. श्रॉफ की जयंती एवं भारतीय फार्मेसी शिक्षा दिवस की शुभकामनाएं दीं। वेबिनार का समापन में सभी ने फार्मासिस्ट ओथ (प्रतिज्ञा) को दोहराकर की।

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