Gonda Crime News बैंकों के जरिए उड़ा ले रहे थे GPF का पैसा ,पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफास

 सरकारी कर्मचारी लगा रहे थे खाताधारकों को चूना
 

गोंडा पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी करोड़ों रुपए के धोखाधड़ी करने वाले शातिर लोगों को किया गिरफ्तार


-- सरकारी कर्मचारियों की कूटरचित आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर राजकीय धन का गबन करने वाले पांच अभियुक्त गिरफ्तार


Gonda crime news गोण्डा ।  फर्जी आईडी और कूट रचित ढंग से एक गिरोह बनाकर कर्मचारियों से  ठगी करने  के आरोप में  पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडे के निर्देश पर अरुण वर्मा पुत्र स्व0 मोहन लाल निवासी ग्राम  भरबलिया बुजुर्ग आजाद चौक थाना रामगढ ताल जनपद गोरखपुर एकाउन्टेन्ट चकबन्दी विभाग गोरखपुर,राजेश पाठक पुत्र केदारनाथ पाठक निवासी ग्राम कोल्हमपुर विशेन पठकौली थाना नवाबगंज ,लेखपाल हरैया तहसील बस्ती ,नानमून मौर्या पुत्र रामकेवल मौर्या निवासी गेड़सर मुरावन पुरवा थाना वजीरगंज जनपद गोण्डा हाल पता कोल्हमपुर थाना नवाबगंज ,ग्राहक सेवा केन्द्र संचालक वजीरगंज ,अरुण श्रीवास्तव पुत्र रामलोचन श्रीवास्तव निवासी ग्राम इमलिया गुरदायाल  थाना  गोण्डा  जो एजेन्ट एस0बी0आई0 लाईफ एन्शोरेन्स था प्रदीप दुबे पुत्र श्री दुर्गा प्रसाद दुबे निवासी पुरे परसदा पोखरा थाना तरबगंज जनपद   ग्राहक सेवा केन्द्र  का संचालक था  जिससे व अन्य से कुल  26 लाख 75 हजार नगद व 4 खातों में एक करोड़ 32 लाख रुपये फ्रीज कराये गयें।

 कुल बरामदगी 1 करोड़ 58 लाख 75 हजार 

आईजी राकेश कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि पकड़े गए अभियुक्तों के पास चिन्हित  प्रॉपर्टी में अरुण वर्मा के पास एक मकान अनुमानित कीमत 2.5 करोड़ स्थित बुद्ध विहार कालोनी तारामण्डल गोरखपुर,04 एकड़ जमीन झंगहा गोरखपुर अनुमानित कीमत 2 करोड़,एक ज्वैलरी शाप स्थित आजाद चौक में 60 लाख निवेश,दो प्लाट  नौसड़ गोरखपुर अनुमानित कीमत 50 लाख वहीं राजेश पाठक के पास 30 कमरो का हास्टल अनुमानित कीमत 3 करोड़ जनपद अयोध्या,देवकाली में एक मकान अनुमानित कीमत 50 लाख,बूथ नं0-4 अयोध्या में प्लाट अनुमानित कीमत 20 लाख,कोल्हमपुर जमीन अनुमानित कीमत 20 लाख,शाहपुर में जमीन अनुमानित कीमत 12 लाख,22 लाख का सामान बिजली की दुकान में बेचने के लिये,गोपनीय सूचना प्राप्त हुई कि जनपद गोण्डा के नवाबगंज स्थित भारतीय स्टेट बैक के कुछ खाता धारको के खातो में सन्दिग्ध तौर पर धनराशि स्थानांतरित हो रही है जिसमें नवाबगंज क्षेत्र के ग्राहक सेवा केन्द्र के संचालक की संलिप्तता है। इस गोपनीय सूचना की जाँच पुलिस अधीक्षक गोण्डा ने एसओजी टीम के माध्यम से करायी, सूचना प्रमाणित होने पर थाना नवाबगंज को पुलिस अधीक्षक गोण्डा ने प्रभारी निरीक्षक नवाबगंज व एसओजी की संयुक्त टीम को प्रकरण का अनावरण करते हुए संलिप्त अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी करने के निर्देश दिये थे। जिसके क्रम में थाना नवाबगंज व एस0ओ0जी0 टीम द्वारा सरकारी कर्मचारियो की कूटरचित आईडी बनाकर जीपीएफ के नाम पर फर्जी तरीके से पैसा गबन करने वाले गिरोह के पाँच सदस्यो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त अरुण वर्मा चकबन्दी विभाग गोरखपुर में एकाउन्टेण्ट के पद पर तैनात है जिसके द्वारा अपने साथी कर्मचारी पुनीत श्रीवास्तव के साथ मिलकर फर्जी सरकारी कर्मचारियो की लैपटाप व वेबसाइट के माध्यम से कई आई0डी0 बनाई गयी व फर्जी जीपीएफ बिल बनाकर विगत कई वर्षो में करोडो रुपयो जनपद गोण्डा ,गोरखपुर व देवरिया के कई खातो में अपने साथी लेखपाल राजेश पाठक व नानमून मौर्या ( एसबीआई ग्राहक सेवा केन्द्र ) के माध्यम से स्थानांतरित कर लिये। जिनमें से अबतक 45 खातो को चिन्हित किया जा चुका है। उक्त खातो में विगत तीन वर्षो में छः करोड रुपयो से ज्यादा का स्थानांतरण इस गिरोह द्वारा किया जा चुका है। अभियुक्त अरुण वर्मा, राजेश पाठक व गिरोह के अन्य सदस्यो द्वारा विगत दस वर्षो में इस फर्जी वाडे से कई करोड रुपयो की सम्पत्ति अर्जित की गयी है जिनको चिन्हित कर सीज करने की कार्यवाही प्रचलित है। अभियुक्तगणों को वास्ते रिमांड माननीय न्यायालय रवाना किया जा रहा है जिन्हे गिरफ्तार करने मे नि0 राजेश कुमार सिह (प्र0नि0 नवाबगंज ,नि0 सुखवीर सिह भदौरिया,उ0नि0 अतुल कुमार चतुर्वेदी (एसओजी प्रभारी ) ,उ0नि0 राजकुमार सिह (एसओजी )  उ0नि0 सुनील कुमार सिह एसओजी हे0का0 श्रीनाथ शुक्ला,हे0का0 मुलायम,हे0का0 अजीत चन्द्र,हे0का0 राजेन्द्र,हे0का0 राजू सिंह, सेल,का0 अमित यादव,अदित्य पाल,अरविन्द कुमार,अमितेश सिंह ,हृदय नारायण दीक्षित सर्विलांस सेल की अहम भूमिका रही

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