अमेरिका में हनुमानजी की ध्वजा फहरा रहे स्वामी रामानंद सरस्वती                               

Dr ramanand saraswati

 Spiritual news     (आर. एल. पाण्डेय )                     लखनऊ. प्रदेश के सुल्तानपुर जनपद के मूल निवासी डॉ. आर. एस. द्विवेदी (आध्यात्मिक नाम स्वामी रामानंद सरस्वती जी) बीते करीब चार दशक से अमेरिका सरकार में वैज्ञानिक होने के साथ ही  प्रभु श्रीराम व हनुमान जी के परम् भक्त हैं. आध्यात्मिक संस्था इंटरनेशनल सोसाइटी फार स्पिरिचुअल एडवांसमेंट (आइसा) के जरिये हजारों भारतीय मूल व विदेशी भक्तों को जोड़कर वह दुनियाभर में न सिर्फ हनुमान जी की ध्वजा फहरा रहे हैं बल्कि भारतीय संस्कृति का भी प्रचार प्रसार कर रहे हैं.आध्यात्मिक मासिक पत्रिका ' हनुमत कृपा ' के प्रेरणास्रोत स्वामी रामानंद सरस्वती ने एक साक्षात्कार में बताया कि श्रीहनुमान जी को माता जानकी से अजर - अमर होने का वरदान मिला होने के कारण वह हमेशा हर जगह मौजूद रह कर भक्तों की  संकट हरते रहते हैं.

हनुमान जी से सुलभ देवता संसार में दूसरा कोई नहीं है. जहाँ सुंदर कांड व श्रीरामचरितमानस का पाठ होता है वहाँ हनुमान जी किसी न किसी रूप में जरूर पहुंच जाते हैं. हनुमान जी को राम नाम का जाप भी बहुत अच्छा लगता है. ऐसा नहीं हो सकता कि कोई श्रद्धालु प्रभु श्रीराम (बड़े सरकार) को सच्चे मन से याद करे और भक्त शिरोमणि हनुमान जी उसकी सहायता करने न पहुंच जाएँ.अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन  डीसी में निजी आवास ' साकेत धाम ' में पत्नी श्रीमती अरुणा  द्विवेदी के साथ रहने वाले स्वामी रामानंद जी ब्रह्म मुहूर्त में जगकर प्रतिदिन पूजा पाठ के साथ सुंदर कांड का पाठ करते हैं और हर मंगलवार को घर में बने मंदिर में भक्तों के साथ सामूहिक सुन्दर कांड का संगीतमय पाठ करते हैं.

आध्यात्मिक संस्था  'आइसा ' से अमेरिका - भारत समेत कई देशों के हजारों भक्त जुड़े हैं. भक्तों के लिए प्रति वर्ष सुंदर कांड की करीब दो हजार प्रतियां गोरखपुर गीता प्रेस या लखनऊ से छपवा कर मंगाई जाती हैं. देश में आध्यात्मिक गतिविधियों के संचालन के लिए स्वामी जी ने संकट मोचन फाउंडेशन का गठन किया है जिसका मुख्यालय त्रिवेणी नगर (लखनऊ)में है. फाउंडेशन का कार्य स्वामी जी के छोटे भाई व संस्था के सचिव अशोक द्विवेदी एडवोकेट देखते हैं. ' हनुमत कृपा ' पत्रिका भी संकट मोचन फाउंडेशन के बैनर तले प्रकाशित होती है जिसके सम्पादक स्वामी रामानंद सरस्वती जी के कृपापात्र नरेश दीक्षित हैं.

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