वंदना शुक्ला द्वारा ‘कहां गई है जगदम्बे’, ‘श्री राम, डोल रही लेहरन में नाव’, ‘मेरी कोठरी के भाग्य’, गजल ‘एक बार मुस्कुरा दो’ और ‘आज जाने की जिद न करो’ गाने प्रस्तुति दी गई
 

वंदना शुक्ला द्वारा ‘कहां गई है जगदम्बे’, ‘श्री राम,
लखनऊ। प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट एवं प्रगति इवेंट के तत्वावधान में काशीराम स्मृति उपवन आशियाना लखनऊ में चल रहे भारत हस्तशिल्प महोत्सव 2024 में सामाजिक एवं सांस्कृतिक विचारधारा से संबंधित कार्यक्रम देखने को मिले। वहीं नृत्य एवं गायन का जबरदस्त तालमेल भी देखने को मिला। प्रगति पर्यावरण संरक्षण टेस्ट अपने 20 साल से ज्यादा के सफर में कार्यकाल में सभी कलाकारों को प्रोत्साहित और सम्मानित करने का स्वतंत्र मंच प्रदान करता चला आ रहा है जिसका श्रेय अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह को ही जाता है।

भारत हस्तशिल्प महोत्सव 2024 में सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था प्रगति विचारधारा फाउंडेशन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षा नेहा खरे, संस्था की संरक्षक डॉक्टर सीमा गुप्ता, एस के अवस्थी व स्टेलर अकादमी की प्रधानाचार्या अंजली श्रीवास्तव द्वारा दीप प्रज्वलन और सरस्वती की वंदना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। सर्वप्रथम स्टेलर अकादमी के बच्चों द्वारा रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गया। संस्था की तरफ से आए हुए प्रमुख चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर लोगों को जानकारी दी |

वंदना शुक्ला द्वारा ‘कहां गई है जगदम्बे’, ‘श्री राम,

जिनमें प्रमुख रूप से डॉक्टर के वी एस निरंजन, डॉक्टर पुनिष अग्रवाल, डॉक्टर वेद प्रकाश मिश्र, डॉक्टर मोहम्मद शफीक और डॉक्टर मुहम्मद नफीस खान द्वारा बीमारियों एवम उनके इलाज के संबंध में उपस्थित लोगों को जागरूक किया गया। संस्था की अध्यक्ष नेहा खरे ने बताया कि संस्था सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेती है जिसमें आप सभी जन मानस का पूरा सहयोग मिलता है। संस्था के कार्यक्रम का संचालन प्रदीप शुक्ला ने किया।

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भारत हस्तशिल्प महोत्सव 2024 में आज प्रसिद्ध गायिका वंदना शुक्ला ने अपने चिरपरिचित अंदाज में भजन और गजल से खूब तालियां बटोरी। वंदना शुक्ला द्वारा ‘कहां गई है जगदम्बे’, ‘श्री राम, डोल रही लेहरन में नाव’, ‘मेरी कोठरी के भाग्य’, गजल ‘एक बार मुस्कुरा दो’ और ‘आज जाने की जिद न करो’ गाने प्रस्तुति दी गई। हारमोनियम पर हरेश कुमार और ढोलक पर अरुण त्रिपाठी ने संगत दी।

वंदना शुक्ला द्वारा ‘कहां गई है जगदम्बे’, ‘श्री राम,

सांस्कृतिक कार्यक्रम मे ग्रेस @ स्टूडियो द्वारा बहुत ही मनमोहक और दिल को छू देने वाले अंदाज में ग्रुप भजन की प्रस्तुति दी गई। सरोज श्रीवास्तव, शैलजा श्रीवास्तव, अर्चना मिश्रा, पुष्पा द्विवेदी एवं पूजा लता द्वारा भजन गाया गया।अपने नाम के अनुरूप परफॉर्मेंस के लिए प्रसिद्ध सुर के सरताज गुप आज सांस्कृतिक कार्यक्रम में सरताज बने। सुर के सरताज के  सभी कलाकार अलग-अलग विधाओं से जुड़े होने के बावजूद गायन को अपना आधार बनाए हुए हैं और हमेशा बेहतर परफॉर्मेंस के लिए आतुर रहते हैं। कलाकारों में सीमा विरमानी, देवेंद्र, विश्वास, अनुराग, श्वेता, हिमांशु, विशाल, रमन और राजकुमार ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों से समा बांध दिया। भारत हस्तशिल्प महोत्सव 2024 की सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ प्रगति पर्यावरण संरक्षण ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह और एन. बी. सिंह ने दीप प्रज्जवलित कर किया तथा महोत्सव में प्रिया पाल ने सभी कलाकारों को सर्टिफिकेट देकर सम्मान्तिन किया। कार्यक्रम का संचालन अरविंद सक्सेना ने किया गया।

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

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