इस तरह से लाखों कमा सकते हैं मधुमक्खी पालन से 

मधुमक्खी पालन
 अतिरिक्त आय के लिए कृषि के साथ मधुमक्खी पालन करें

नानपारा /बहराइच । विश्व मधुमक्खी दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वैज्ञानिक डॉ बीपी शाही और सूर्य बली सिंह  ने मधुमक्खी पालन के उपाय और फायदे बताएं उन्होंने कहा कि
कोरोना के समय शहद से अपनी इम्युनिटी को मजबूत करने की जरूरत है ऐसे में शहद का सेवन सभी के लिए काफ़ी लाभकारी होता है शहद में मिनरल्स,विटामिन और पोषक तत्वों का भंडार है ।इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के अलावा शहद कई तरह की समस्याओं को निजात दिलाने में कारगर है ।


मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें कम क्षेत्रफल और कम समय में अधिक लाभ प्राप्त किया सकता है। इस व्यवसाय में श्रम एवं पूंजी की भी कम आवश्यकता पड़ती है ।इसमें शारीरिक परिश्रम अधिक ना होने से ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे भी अपने घरेलू कार्य के साथ कर सकते हैं।

मधुमक्खी पालन की जानकारी देतेकृषि विज्ञान केंद्र नानपारा के वरिष्ठ  वैज्ञानिक    डॉ बी पी शाही  ने बताया कि यह एक सरल एवं पूर्णता कृषि पर आधारित है । यहां का मौसम एवं भोजन स्रोत मधुमक्खी पालन के लिए अनुकूल है।   महिलाएं अपने घर के आस-पास आंगन में या किचन गाडेन में पांच से दस बॉक्स रखकर मधुमक्खी की देखभाल अपने खाली समय में कर सकती हैं । मधुमक्खी के बॉक्स को खेत के मेड़ पर सड़क के किनारे बगीचे या कहीं भी रखा जा सकता है । मधुमक्खी लगभग 3 किलोमीटर  क्षेत्रफल से अपना भोजन लेती है शहद के अतिरिक्त मोम, राज अवलेह, पराग, प्रोपोलिस का उत्पादन किया जाए तो  ना केवल अधिक लाभ  होगी बल्कि विदेशी मुद्रा भी कमाया जा सकता है ।पहले लोग आयुर्वेदिक दवा के साथ या दवा के रूप में शहद का प्रयोग करते थे, परंतु अब लोग नियमित भोजन के साथ शहद का सेवन कर रहे हैं। जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभदायक है

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