सनातन धर्म आश्रम, सनातन नगर, लखनऊ में नवरात्रि महापर्व का दृश्य   

सनातन धर्म आश्रम, सनातन नगर, लखनऊ में नवरात्रि महापर्व का दृश्य
 
आर एल पांडेय                                                                    लखनऊ।सनातन धर्म परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ स्वामी भगवदाचार्य जी महाराज ने कहा कि चैत्र नवरात्रि का पर्व अपने में बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है।इस नवरात्रि में शक्ति और शक्तिमान दोनों की विधिवत पूजा की जाती है । अनादि  ब्रह्म भगवान श्री राम के रूप में अवतरित होकर शक्तिमान स्वरूप और उसकी आह्लादिनी शक्ति माता सीता राधा गौरी दुर्गा आदि के रूप में अवतरित होकर शक्ति और शक्तिमान रूप से  समग्र सृष्टि की उत्पत्ति पालन और संहार का कार्य अनादिकाल से शासन चला रहा है
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
मां दुर्गा के नौ रूप बतलाए गए हैं
प्रथम शैलपुत्री द्वितीय ब्रह्मचारिणी तृतीय चंद्रघंटा चतुर्थ कूष्मांडा पंचम स्कंदमाता षष्टम कात्यायनी सप्तम कालरात्रि अष्टम महागौरी नवम सिद्धिदात्री
यह सभी देवियां सुख संपत्ति शांति एवं समस्त  मनोवांछित फल प्रदान करने वाली होती हैं।
नौ देवियों का मार्कंडेय पुराण अनुसार आयुर्वेद  औषधियों के रूप में संकेत किया गया है।
शैलपुत्री- हरिड़ ,ब्रह्मचारिणी -ब्राह्मी ,चंद्रघंटा- चंद्र सुर या चमसुर , कुष्मांडा- पेठा जिसकी मिठाई बनती है और कुम्हड़ा भी कहा जाता है ,स्कंदमाता -अलसी,  कात्यायनी -मोइया, कालरात्रि- नागदौन, महागौरी- तुलसी, सिद्धिदात्री- शतावरी यह सभी औषधियां हर प्रकार की बीमारियों का निवारण एवं आयु बुद्धि बल विवेक का संवर्धन करने वाली होती हैं। इस नवरात्रि पर्व से अत्याचार, अधर्म और अहंकार  का विनाश तथा व्यक्ति के जीवन में संयम शील विवेक एवं मर्यादा का संवर्धन होता है । सनातन धर्म परिषद एवं सनातन नगर विकास ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि के पावन पर्व पर अर्चन वंदन अनुष्ठान एवं आराधना विधिवत  की जाती  है।उक्त जानकारी सनातन धर्म परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता आचार्य आर एल पांडेय ने दी।

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