कोरोना से प्रभावित हुए बच्चों की पहचान के लिए कवायद जारी

कोरोना से प्रभावित हुए बच्चों की पहचान के लिए कवायद जारी
 Balrampur Covid News बलरामपुर। कोविड-19 महामारी से प्रभावित अनाथ हुये बच्चों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी श्रुति की अध्यक्षता में निगरानी हेतु जनपद स्तर पर गठित टास्क फोर्स की बैठक आॅनलाइन माध्यम से आयोजित की गई। जिलाधिकारी द्वारा कोविड-19 महामारी से प्रभावित/अनाथ हुए बच्चों की सुरक्षा व चिन्हांकन हेतु शासन द्वारा दिये गये निर्देशों के अनुपालन हेतु बैठक में उपस्थित सम्बन्धित अधिकारियों को जानकारी दी। जिसमें कुल चार श्रेणी के बच्चों को संरक्षित किया जाना है।
                           उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता की मृत्यु कोविड-19 के संक्रमण के कारण हो गई है। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-धनात्मक नहीं पाये गये किन्तु समस्त लक्षण कोविड-19 के समान ही थे और उपचार के दौरान/अभाव में उनकी मृत्यु हो गई हो। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19/समान लक्षणो से संक्रमित हो या किसी अन्य कारण से महामारी के दौरान अस्पताल में भर्ती हो तथा ऐसे बच्चों की घर पर देखरेख करने वाला कोई न हो। ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-19 के समान लक्षणों से संक्रमित होने के कारण होम आइसोलेशन में हो तथा घर पर ऐसे बच्चों की देखरेख करने वाला कोई न हो। इसके अतिरिक्त बच्चों को मानसिक स्वास्थ्य तथा मनोसामाजिक परामर्श सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा शुरु की गई संवेदना टोल-फ्री परामर्श हेल्पलाइन नम्बर-18001212830 से परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
                           जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया  कि शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न किया जाए। कोविड-19 महामारी से प्रभावित/अनाथ हुये बच्चों की सुरक्षा हेतु गाइडलाइन के अनुसार चार श्रेणी के बच्चों को चिन्हांकित करते हुये सूची प्राप्त कर अविलम्ब उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी जाए तथा सम्बन्धित अधिकारी कोविड-19 से प्रभावित बच्चों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु अपने उत्तरदायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करना सुनिश्चित करें।
                         बैठक के दौरान अध्यक्ष बाल कल्याण समिति बलरामपुर करुणेन्द्र श्रीवास्तव द्वारा अवगत कराया गया कि ग्रामीण स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों स्वास्थ्य/पुलिस विभाग का इस रणनीति में अहम रोल है। उन्होंने आमजनमानस से अपील किया है कि यदि कोई बच्चा ऐसी स्थिति में पाया जाता है या जानकारी में है तो चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर- 1098 एवं 181 महिला हेल्पलाइन पर काॅल कर उस बच्चे को संरक्षण/सहायता मुहैया करवाया जा सकता है।
                         इस दौरान जिला केएम पाण्डेय जिला कार्यक्रम अधिकारी, अध्यक्ष बाल कल्याण समिति करुणेन्द्र श्रीवास्तव, प्रभारी एसजेपीयू अनुपम त्यागी, महिला कल्याण अधिकारी रागिनी मिश्रा, जिला समन्वयक राधिका मिश्रा, प्रभारी सेन्टर मैनेजर वन स्टाॅप सेन्टर कविता पाल, ग्रामीण बौध संस्थान ओंकारनाथ चैधरी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के कोआॅर्डिनेटर मौजूद रहे।

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