प्रत्येक प्रार्थना-पत्र पर समयबद्ध एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी: डीजीपी प्रशांत कुमार

प्रत्येक प्रार्थना-पत्र पर समयबद्ध एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी: डीजीपी प्रशांत कुमार
लखनऊ। पुलिस महानिदेशक उ.प्र. प्रशांत कुमार द्वारा आज दिनांक 01.02.2024 को पुलिस मुख्यालय गोमतीनगर विस्तार में प्रेस वार्ता के दौरान अपने उद्बोधन में कहा गया किः- वर्ष 1861 में व्यवस्थापित पुलिस की गौरवशाली परम्परा में वर्ष 1952 में पुलिस कलर प्राप्त हुआ तथा विश्व के विशालतम पुलिस बल का नेतृत्व आई०जी०पी० / डी०जी०पी० रैंक के अधिकारियों द्वारा किया गया। उसी गौरवशाली परम्परा के ध्वज वाहक के रूप में मुझे डी०जी०पी० यू०पी० बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसके लिये मा० मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करता हूं।

उत्तर प्रदेश पुलिस देश का विशालतम पुलिस बल है, जिसमें वर्तमान में 03 लाख 13 हजार 946 कर्मचारी कार्यरत हैं। मा० मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में पुलिस बल को और बेहतर, सक्षम एवं मजबूत बनाने के लिये विगत एक वर्ष में निष्पक्ष एवं पारदर्शी पुलिस भर्ती प्रकिया द्वारा 1,092 आरक्षी एवं समकक्ष, 9,114 उपनिरीक्षक एवं समकक्ष, 1,183 लिपिक वर्ग की भर्ती उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं कुशलता के साथ की गयी। वर्तमान में लगभग 79,082 हजार विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही प्रचलित है।

मा० मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हेतु चलाये जा रहे 'मिशन-शक्ति' अभियान के अन्तर्गत् एण्टी रोमियो स्क्वॉड को और सक्रिय किया जायेगा तथा थाने पर महिला बीट अधिकारी की नियुक्ति तथा महिला साइबर हेल्पडेस्क' एवं महिला सशक्तीकरण की दिशा में पी०ए०सी० महिला पुलिस बटालियनों के व्यवस्थापन की कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है।

मा० मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत् उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश को अपराध मुक्त करते हुये एक सुरक्षित एवं समृद्ध प्रदेश का निर्माण किया है। प्रदेश में अपराधों के शत-प्रतिशत पंजीकरण एवं अपराधों पर प्रभावी नियत्रंण से जनमानस में सुरक्षा की भावना में हुयी बढ़ोत्तरी के साथ-साथ पुलिस की छवि मित्र पुलिस के रूप में स्थापित हुयी है। मा० मुख्यमंत्री जी के निर्देशन में माफिया / अपराधियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही जारी रहेगी। एनसीआरवी द्वारा वर्ष 2023 में जारी डाटा के अनुसार यदि अपराध दर की स्थित देखे तो उत्तर प्रदेश की जनसंख्या पूरे भारत वर्ष का लगभग 16.99 प्रतिशत है तथा आई०पी०सी० के अपराध में सारे राज्य एवं केन्द्र शासित प्रदेशो के सापेक्ष आई०पी०सी० में उत्तर प्रदेश का 20वां स्थान है, ऐसे उन्नीस राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश है जिनमें आई०पी०सी० का अपराध दर हमसेअधिक है, इसी प्रकार हत्या में 28वां स्थान, फिरौती हेतु अपहरण में 30वां, दुस्कर्म में 24वां, लूट में 27वां स्थान है, महिला सम्बन्धी अपराध में 14वां स्थान है जबकि महिला सम्बन्धी अपराध में दोषसिद्धि की राष्ट्रीय दर 25.3 के सापेक्ष उत्तर प्रदेश की दर 70.8 है एवं दोष सिद्धि में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है।

मा० मुख्यमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रदेश भर में अपराधियों को कम से कम समय में सजा दिलाये जाने हेतु प्रभावी कन्विक्शन की कार्यवाही की जा रही है, जिसके तहत् जघन्य अपराधों में लिप्त अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी व उनके विरूद्ध वैज्ञानिक विधि से साक्ष्य संकलन एवं गुणवत्तापूर्ण विवेचनात्मक तथा अभियोजन विभाग एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से मा० न्यायालय में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यूनतम समय में अधिक से अधिक सजा दिलायी जा रही है। आपरेशन कन्विक्शन के अन्तर्गत अब तक मा० न्यायालय द्वारा विभिन्न अपराधों में कुल 24,743 अभियुक्तों को दण्डित किया गया है।

मा० मुख्यमंत्री जी के मंशानुरूप जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं त्वरित निस्तारण व प्रभावी मॉनिटरिंग हेतु तैयार किये गये Public Grievance Review Portal प्राप्त होने वाले मैन्युअली प्राप्त प्रार्थना पत्रों को डिजिटाइज्ड (Digitized) कर, प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर समयबद्ध एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उ०प्र० शासन के निर्देशानुसार UP Police नाम से मुख्यालय एवं प्रदेश के समस्त कमिश्नरेट / जनपद स्तर पर व्हाट्सएप चैनल लान्च किया गया है। जिससे जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण कराया जायेगा।

ब्यूरो चीफ आर एल पाण्डेय

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