आज सूर्यदेव कर रहे हैं आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश , बनेगा बारिश का संयोग

Jyotishayan

Jyotish ke anusar barish उत्तर प्रदेश डेस्क लखनऊ(आर एल पांडेय)। प्रचंड गर्मी और भीषण लू से लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। हमारे पंचांग के अनुसार 21 जून मध्य रात सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे । सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश करते ही सूर्य की तपन कम होगी । आकाश में बादल छाएंगे और बारिश होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसा कहा गया है कि सूर्य के आर्द्रा नक्षत्र में आने के बाद वर्षा ऋतु का आगमन भी होता है।


ज्योतिषायन के पंडित दीपक मालवीय ने बताया कि सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में 21 जून की देर रात 12.06 बजे मीन लग्न में प्रवेश कर रहे हैं । आद्रां नक्षत्र के स्वामी राहु माने जाते हैं। लग्नेश गुरु तृतीय भाव में होगा। उनकी दृष्टि सप्तम, नवम व एकादश भाव पर है, जिससे पर्याप्त वर्षा होगी। लग्न पर राहु केतु का प्रभाव है। जो कहीं अधिक तो कही कम वर्षा का संकेत है। यह कृषि उपज के लिए बहुत अनुकूलता है। उन्होंने बताया कि सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में जाने से धरती माता रजस्वला होती हैं और इस दिन से वर्षा ऋतु का आगमन होता  है। 


21 जून को ग्रीष्म संक्रांति है। यह पूरे वर्ष का सबसे लम्बा दिन होगा। 21 जून को सूर्योदय सुबह 5.15 पर और सूर्यास्त शाम 7.02 बजे पर होगा। शुक्रवार को करीब 13 घंटे 15 मिनट का दिन होगा। शुक्रवार को खास बात यह है कि इस रोज एक पल ऐसा भी आता है, जब व्यक्ति को परछाई भी नहीं दिखाई देती है।

पंडित दीपक मालवीय ने बताया कि 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध में वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है।वहीं, दक्षिणी गोलार्द्ध में ये सबसे छोटा दिन होता है। इस दिन सूर्य से पृथ्वी के कई हिस्से को मिलने वाली ऊर्जा 30 प्रतिशत तक ज्यादा हो जाती है। उन्होंने बताया कि पृथ्वी की चाल के कारण 21 जून के बाद से दिन की अवधि घटने लगती है यानी दिन छोटे होने लगते हैं और रात की अवधि धीरे-धीरे बढ़ने लगती है। 21 सितंबर को दिन और रात बराबर हो जाते हैं। पृथ्वी पर ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत सूरज है और 21 जून ऐसा दिन होता है, जिस दिन सबसे अधिक समय तक सूरज का प्रकाश पृथ्वी पर मौजूद रहता है

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