अमेरिका के शिनच्यांग से संबंधित झूठ केवल उसके मानवाधिकार रक्षकों के दिवालियापन को गति देगा

अमेरिका के शिनच्यांग से संबंधित झूठ केवल उसके मानवाधिकार रक्षकों के दिवालियापन को गति देगा
अमेरिका के शिनच्यांग से संबंधित झूठ केवल उसके मानवाधिकार रक्षकों के दिवालियापन को गति देगा बीजिंग, 7 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 6 जनवरी को आयोजित नियमित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका द्वारा शिनच्यांग से संबंधित झूठ बनाया जाने से दुनिया को मानवाधिकारों की रक्षा के अपने दावों के पाखंड के बारे में अधिक जागरूक करेगा। इससे उसके मानवाधिकार रक्षकों के दिवालियापन को गति देगा।

चीनी प्रवक्ता ने आगे कहा कि कुछ समय के लिए, फ्रांस, रूस, स्वीडन, डेनमार्क, नॉर्वे, स्विटजरलैंड, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और अन्य देशों के मीडिया और विद्वानों ने लेख प्रकाशित किए । उन्होंने कहा कि तथाकथित शिनच्यांग में मजबूर श्रम और नरसंहार पूरी तरह से चीन के पूर्वाग्रह और शत्रुता के खिलाफ बने झूठ पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य मानवाधिकारों की रक्षा करना बिल्कुल नहीं है, बल्कि चीन को दबाना और रोकना और शिनच्यांग के विभिन्न जातियों की एकता और स्थिर विकास को नुकसान पहुंचाना है। अमेरिका अभी भी इस पर आंखें क्यों मूंद रहा है?

5 तारीख को शिनच्यांग के आर्थिक विकास, सामाजिक सुरक्षा, जातीय एकता और धार्मिक सद्भाव में अंतर्²ष्टि प्राप्त करने के लिए 36 देशों के इस्लामिक सहयोग संगठन के 40 से अधिक स्थायी प्रतिनिधियों, राजनयिकों और सचिवालय के अधिकारियों ने वीडियो के माध्यम से क्लाउड से शिनच्यांग का दौरा किया।

चीनी प्रवक्ता के अनुसार प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने व्यक्त किया कि शिनच्यांग के विकास और निर्माण की उपलब्धियां अद्भुत हैं, सभी जातियों के लोग एक खुशहाल जीवन जीते हैं, जातीय समूह एकजुट और सामंजस्यपूर्ण हैं, और धार्मिक विश्वास की स्वतंत्रता और मुसलमानों के विभिन्न अधिकारों की उचित गारंटी है। उइगुर जैसे जातीय अल्पसंख्यकों के नागरिक समान आधार पर अपने नागरिक अधिकारों का पूरी तरह से आनंद लेते हैं और उनका प्रयोग करते हैं, और देश और शिनच्यांग के शासन में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। ये तथ्य सभी के लिए स्पष्ट हैं।

(साभार---चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)

--आईएएनएस

आरजेएस

Share this story